आकाश हमेशा बदलता रहता है, पर कभी‑कभी ऐसा दृश्य मिलता है जो देखने लायक बन जाता है। अगर आप भी सितारों की रोशनी या ग्रहण का मज़ा लेना चाहते हैं तो इस पेज को बुकमार्क कर लें। यहाँ हम आसान भाषा में बताते हैं कि आगे कौन‑कौन सी खगोलीय घटनाएँ होंगी और उन्हें घर से या बाहर कैसे देख सकते हैं।
सबसे पहले बात करते हैं सूर्य और चंद्रमा के ग्रहण की। 2025 में दो बड़े इवेंट्स आने वाले हैं – 12 मई को अंशिक सूर्यग्रहण और 21 अक्टूबर को पूर्ण चंद्रग्रहण। अंशिक सूर्यग्रहण तब दिखेगा जब सूरज का केवल कुछ हिस्सा ही छुपेगा, इसलिए धूप की सावधानी बरतें और सुरक्षित फिल्टर इस्तेमाल करें। पूर्ण चंद्रग्रहण में रात के आकाश में चाँद धीरे‑धीरे लालिमा लेगा, इसे बिना किसी उपकरण के देखा जा सकता है।
धूमकेतु भी अक्सर आश्चर्यचकित करते हैं। अभी तक 2024‑2025 के बीच दो धूमकेतु अपेक्षाकृत करीब आएंगे – C/2024 Q2 और C/2025 A1। उनका प्रकाश मुख्य रूप से शाम की रोशनी में दिखेगा, इसलिए एक साफ़ आसमान वाले स्थान पर टेलिस्कोप या दूरबीन का प्रयोग करके बेहतर देख सकते हैं। उल्का वर्ष भी नज़रअंदाज़ नहीं करने चाहिए; जुलाई‑ऑगस्ट के दौरान रॉयल मेडल उल्का प्रवाह अक्सर शिखर तक पहुँचता है और रात को चमकते तारे जैसा दिखता है।
खगोल विज्ञान सिर्फ देखने से नहीं, बल्कि समझने से भी जुड़ा है। इस साल ISRO ने चंद्रयान‑4 लॉन्च किया, जिसका लक्ष्य दक्षिण ध्रुव पर पानी की खोज करना है। यदि आप तकनीकी पक्ष में रुचि रखते हैं तो मिशन के लाइव अपडेट और रॉकेट लॉन्च का वीडियो देखें – ये अक्सर यूट्यूब या ISRO की आधिकारिक साइट पर उपलब्ध होते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर NASA ने जुपिटर के ऑर्बिटर 'ज्यूपिटर इको' को भेजा, जो ग्रह के मौसम और चंद्रमा यूरोपा की बर्फीय सतह का अध्ययन करेगा। ऐसे मिशन हमारे लिए भविष्य में संभावित मानव यात्रा के रास्ते खोलते हैं, इसलिए इनके बारे में पढ़ना रोचक होता है।
अगर आप खुद स्टारगेज़ या मेटियोराइट शिकार करना चाहते हैं तो एक आसान टिप: मौसम की साफ़ी और कम प्रकाश प्रदूषण वाले जगह चुनें। मोबाइल एप्स जैसे "SkyView" या "Star Walk" आपके फोन में सितारों के नक्शे को ओवरले कर देते हैं, जिससे आप आसानी से ग्रह, नक्षत्र और उल्कापिंड पहचान सकते हैं।
अंत में याद रखें कि खगोलीय घटनाएं अक्सर अचानक आती हैं। इसलिए मौसम की रिपोर्ट, स्थानीय एसएसजी (साइंटिफिक सॉफ़्टवेयर) या सोशल मीडिया ग्रुप्स के अलर्ट सेट करें। एक छोटा नोटबुक रखिए और देखी गई चीज़ों को लिखिए – बाद में आप इस रिकॉर्ड से अपना खुद का अंतरिक्ष डायरी बना सकते हैं।
खगोल विज्ञान सिर्फ वैज्ञानिक नहीं, हर कोई इसका हिस्सा बन सकता है। चाहे आप बच्चे हों या बड़े, बस बाहर निकलें, आकाश देखें और ब्रह्मांड की कहानी सुनें।
अक्तूबर 1, 2024
2024 का वलयाकार सूर्यग्रहण 2 अक्टूबर से 3 अक्टूबर के बीच घटित होगा। यह भारत में रात के समय होने के कारण दृश्य नहीं होगा। जबकि दक्षिण अमेरिका में लोग इसे देख सकेंगे। चाँद के धरती और सूरज के बीच आने पर किनारे पर सूर्य की रिंग जैसी आकृति बनती है। अगला सूर्यग्रहण 2026 में होगा।
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