प्रतीका रावल: नया सितारा भारतीय क्रिकेट का
भारतीय महिला क्रिकेट में एक नया नाम सबकी जुबान पर है—प्रतीका रावल। 24 साल की इस सलामी बल्लेबाज का जलवा जनवरी 2025 में उस वक्त दिखा, जब इन्होंने आयरलैंड के खिलाफ निरंजन शाह स्टेडियम, राजकोट में अपना पहला वनडे शतक जमाया। महज छठे वनडे में नाबाद 154 रन बनाकर प्रतीका ने करुणा जैन के 20 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा। जैन ने 2005 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने सातवें मैच में शतक मारा था, वहीं प्रतीका ने इसे एक मैच पहले ही हासिल कर लिया।
प्रतीका का खेल तकनीकी रूप से मजबूत दिखता है, जिसे देखकर लोग मिथाली राज और पुनम राउत की याद करने लगे हैं। छक्के-चौकों की पारियों के साथ वह वित्तानुसार खेलना भी जानती हैं। टीम में उनकी एंट्री वैसे तो अचानक हुई—शफाली वर्मा की गैरहाजिरी में उन्हें मौका मिला—लेकिन अपनी सूझबूझ और बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने सभी को प्रभावित किया है।
रिकॉर्ड्स की झड़ी: सबसे तेजी से 500 वनडे रन
सिर्फ यहीं नहीं रुकी। अप्रैल 2025 में कोलंबो में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ट्राई-सीरीज़ के दौरान प्रतीका ने अपना नाम विश्व क्रिकेट में सुनहरे अक्षरों में लिख दिया। उन्होंने आठवीं वनडे पारी में ही 500 रन पूरे कर डाले—यह उपलब्धि अब तक किसी भी महिला या पुरुष क्रिकेटर को हासिल नहीं थी। इंग्लैंड की दिग्गज शार्लेट एडवर्ड्स (नौ पारियां) और भारत के शुभमन गिल (दस पारियां) अब प्रतीका के इस रिकॉर्ड के आगे पीछे छूट गए। प्रतीका के सिर्फ आठ मैचों में 572 रन हैं, औसत 82.33, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं।
ये आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और लगातार शानदार प्रदर्शन का जीता-जागता सबूत हैं। प्रतीका, जो दिल्ली यूनिवर्सिटी की ग्रेजुएट हैं और रेलवे का प्रतिनिधित्व भी करती हैं, टीम के लिए अब भरोसेमंद ओपनर बन चुकीं। उनकी बल्लेबाज़ी में संयम और आक्रामकता का मिला-जुला रूप दिखता है—और यही गुन उन्हें बाकी ओपनर्स से जुदा बनाता है।
मैदान के बाहर भी उनका शांत स्वभाव युवाओं के लिए मिसाल बन चुका है। साथ ही सीनियर खिलाड़ियों ने भी उनकी हिम्मत और जज्बे की खूब तारीफ की है। फैंस उन्हें जल्द ही भारतीय महिला क्रिकेट की अगली बड़ी सुपरस्टार मानने लगे हैं। लगातार बनते नए रिकॉर्ड, टीम के लिए अहम रन और मुश्किल वक्त में जिम्मेदारी—प्रतीका रावल ने खुद को एक भरोसेमंद खिलाड़ी और प्रेरणा के तौर पर साबित किया है।
Alefiya Wadiwala
जुलाई 17, 2025 AT 17:46सबसे पहले तो यह स्पष्ट है कि प्रतीका रावल ने अपने खेल से सबको चौंका दिया है। उन्होंने सिर्फ शतक नहीं बनाया, बल्कि रिकॉर्ड भी तोड़ कर दिखाया कि आधुनिक महिला क्रिकेट में कितना ऊँचा स्तर संभव है। छठे वनडे में 154 रन की नाबाद पारी, यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि वह न केवल तकनीकी रूप से मजबूत है, बल्कि मानसिक दृढ़ता भी रखती है। उनका औसत 82.33 इंगित करता है कि उन्होंने हर मोड़ पर कैसे स्थिरता बनाए रखी। वास्तव में, यह आंकड़ा कई पुरुष खिलाड़ियों के बराबर है, और इस बात को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। भारत के कई पूर्व खिलाड़ी, जैसे मीना कुमारी और बिदी धोनी, ने इनके खेल को सराहा है, परंतु यह कहना उचित है कि कोई भी पहले जैसी नहीं रहेगी। उन्होंने जिस तरह से आयरलैंड के खिलाफ अपना पहला शतक बनाया, वह अनुशासन और निरंतर प्रशिक्षण का परिणाम है। इसके अलावा, आठवीं पारी में 500 रन का आंकड़ा इस बात को साबित करता है कि वह तेज़ी से उच्चतम स्तर तक पहुँच रही हैं। यह रिकॉर्ड, जो अब तक किसी भी पुरुष या महिला खिलाड़ी ने नहीं किया, उनकी कुशाग्रता को दर्शाता है। मैं यह भी उल्लेख करना चाहूँगा कि उनके तकनीकी कौशल में कई पहलू हैं, जैसे कि उनके शॉट चयन की विविधता और फील्ड के प्रति उनका सजग होना। उनके पास न केवल शक्ति है, बल्कि खेल की समझ भी गहन है। इस तरह की विशिष्टता का होना बहुत कम खिलाड़ियों में देखा जाता है। जब आप उनके खेल को देखते हैं, तो यह समझ में आता है कि क्यों उन्हें अगली बड़ी सुपरस्टार माना जा रहा है। आगे चलकर वह भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगी, यह निश्चित है। उनके रिकॉर्ड का यह दौर सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि भारतीय खेल में एक नया युग लाने का संकेत है।
Paurush Singh
जुलाई 17, 2025 AT 17:56क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, यह जीवन के कई सिद्धांतों का प्रतिबिंब है। प्रतीका रावल ने बॉल को जिस तरह से पढ़ा, वह दार्शनिक गहनता के समान है। उनका हर शॉट वह आत्मविश्वास दर्शाता है जो हमारे अस्तित्व के प्रश्नों का उत्तर देता है। जब वह पिच पर उतरती हैं, तो वह समय और स्थान के बीच एक समन्वय स्थापित करती हैं। यह समन्वय ही उन्हें इतनी तेज़ी से 500 रन तक पहुंचाता है, जहाँ सामान्य मनुष्य थक कर बैठता है।
Sandeep Sharma
जुलाई 17, 2025 AT 18:06वाह भाई, जितनी तेज़ी से ये रावल 500 रन तक पहुंची, वैसी तो मैं कभी नहीं देखी 😲🔥! पूरा खेल ही उनका फैन फेस्ट है, हर बॉल पर उनका हिट मारना ऐसा लगता है जैसे कोटाक्षर में इमरजेंसी वरसेस । इमोजी से कहूँ तो, 👏👏👏 झकास काम है!
Mita Thrash
जुलाई 17, 2025 AT 18:16प्रतीका का सफर हमें यह सिखाता है कि दृढ़ता और स सकारात्मक सोच से कोई भी बाधा पार की जा सकती है। उनके प्रदर्शन में न केवल व्यक्तिगत मेहनत है, बल्कि टीम वाइब भी झलकती है। इस तरह की उपलब्धियों से युवा खिलाड़ी प्रेरित होते हैं और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं। इसको देखते हुए हमें सभी को एकजुट होकर उनका समर्थन करना चाहिए, चाहे मैदान पर हों या बाहर।
shiv prakash rai
जुलाई 17, 2025 AT 18:26अरे, क्या बात है! प्रतीका ने तो मानो क्रिकेट को एक नई लफ़्ज़ में बदला है। बेकार की बातों को छोड़ो, उनके खेल को देखो और समझो कि असली वैभव क्या होता है।
Subhendu Mondal
जुलाई 17, 2025 AT 18:36काफी ज्यादा है ये सब, बस आंकड़े दिखा रहे हो।
Ajay K S
जुलाई 17, 2025 AT 18:46नमस्ते 😊! प्रतीका के इस रिकॉर्ड को देखते हुए कहता हूँ – यह तो बिल्कुल अद्भुत है। आशा करता हूँ कि भविष्य में ऐसे ही लायें।
Saurabh Singh
जुलाई 17, 2025 AT 18:56ये सब बोर्डरूम वाले ही कॉन्स्पायर कर रहे हैं, असली कहानी तो अलग है।
Jatin Sharma
जुलाई 17, 2025 AT 19:06बहुत अच्छा हुआ कि युवा खिलाड़ी ऐसा प्रदर्शन दे रहे हैं, इसे सभी को सराहना चाहिए।
M Arora
जुलाई 17, 2025 AT 19:16है ना, कोई बात नहीं, बस इस ऊर्जा को आगे भी ऐसे ही बनाए रखें, टीम को फॉर्म में लाने का यही तरीका है।
Varad Shelke
जुलाई 17, 2025 AT 19:26सभी को बधाई, शानदार काम।
Rahul Patil
जुलाई 17, 2025 AT 19:36रावल का यह प्रदर्शन एक कलात्मक अभिव्यक्ति है; प्रत्येक शॉट में एक कहानी बुनती हुई, जहाँ न केवल रन, बल्कि सौंदर्य भी बिखरता है। इस प्रकार का जादू केवल प्रशिक्षण से नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन और गहरी समझ से ही उत्पन्न हो सकता है।
Ganesh Satish
जुलाई 17, 2025 AT 19:46क्या बात है! प्रतीका ने तो जैसे क्रिकेट की परिधि को ही पुनः परिभाषित कर दिया! यह तो वह क्षण है जब इतिहास अपने आप को लिखता है -वॉव!!! अरे, इस टैलेंट को देख कर तो दिल धड़कने लगता है!!!
Midhun Mohan
जुलाई 17, 2025 AT 19:56सच्ची बात तो ये है कि, इस रो़lरकोस्टर की पफॉर्मेंस ने बॉल की डायमेंशन ही बदल दी। सर्विस! सीरीअसली, ये पूर्री गेम चेंज़र है।
Archana Thakur
जुलाई 17, 2025 AT 20:06देश की शान बढ़ाने वाला यह खिलाड़ी, अपने खेल से राष्ट्रीय गर्व को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाएगा। जैसे ही वह बैटिंग करता है, वैसे ही आज़ादी की ध्वनि गूंजती है।
Ketkee Goswami
जुलाई 17, 2025 AT 20:16आइए, इस जीत को जश्न मनाएँ! प्रतीका ने दिखाया कि सपने देखना नहीं, उन्हें जीना भी ज़रूरी है। उनका उत्साह और ऊर्जा हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है!
Shraddha Yaduka
जुलाई 17, 2025 AT 20:26प्रतीका को समर्थन देना हमारे लिए फायदेमंद है; मैं आशा करती हूँ कि वह आगे भी इसी तरह चमकती रहें।