पेरिस ओलंपिक में टेनिस के पहले दौर में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों, नोवाक जोकोविच और कार्लोस अल्कराज ने अपने प्रदर्शन से प्रशंसकों के दिल जीत लिए। रोलाण्ड गैरोस में खेले गए इन मुकाबलों में दोनों खिलाड़ियों ने आसानी से जीत दर्ज की और अपने अगले मैच के लिए क्वालीफाई किया। टेनिस के चाहने वालों के लिए यह खबर न केवल उत्साहवर्धक है बल्कि ओलंपिक इतिहास के एक नए अध्याय को भी दर्शाती है।
नोवाक जोकोविच, जो इस समय दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी हैं, ने ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू एबडेन को मात्र एक घंटे से भी कम समय में हराकर दिखा दिया कि उन्हें कोई चुनौती देने वाला नहीं है। 37 वर्षीय सार्बियाई स्टार ने इस मुकाबले में 6-0, 6-1 का स्कोर दर्ज किया। एबडेन, जो पिछले दो वर्षों में टूर-स्तरीय सिंगल्स मैच नहीं खेले थे, जोकोविच के सामने टिक नहीं पाए। इस जीत के बाद जोकोविच ने ओलंपिक प्रवेश नियमों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की, जिसमें डबल्स खिलाड़ियों को सिंगल्स में खेलने की अनुमति दी जाती है। उनका कहना था कि इससे खेल की अच्छी छवि नहीं बनती है।
जोकोविच की पहली ओलंपिक स्वर्ण पदक की यात्रा
नोवाक जोकोविच की यह जीत उन्हें उनके पहले ओलंपिक स्वर्ण पदक की ओर एक कदम और करीब ले आई है। उन्हें इस बार जन्निक सिनर के टॉन्सिलाइटिस के कारण ओलंपिक्स से बाहर होने के बाद नंबर एक की सीडिंग मिली थी। रोलाण्ड गैरोस की यह यात्रा जोकोविच के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब वे अपने करियर के सुनहरे पल की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस जीत के बाद अपने समर्थकों का धन्यवाद दिया और अपनी आगामी मैचों के लिए तत्परता जताई।
कार्लोस अल्कराज का उम्दा प्रदर्शन
इसी के साथ, कार्लोस अल्कराज ने भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए पहला दौर आसानी से पार किया। फ्रेंच ओपन और विंबलडन चैंपियन अल्कराज ने लेबनान के हादी हबीब के खिलाफ 6-3, 6-1 से शानदार जीत हासिल की। उनके खेल में आत्मविश्वास और महारत की झलक साफ दिखाई दी। प्रदर्शन के बाद अल्कराज ने कहा कि वे अगले मैच को लेकर पूरी तरह से तैयार हैं और उनका मकसद सोने का पदक जीतना है।
राफेल नडाल की तैयारी
स्पेन के दिग्गज खिलाड़ी राफेल नडाल भी अपने पहले मैच के लिए कमर कस चुके हैं। फ्रेंच ओपन में 14 बार के चैंपियन और दो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नडाल का मुकाबला रविवार को होगा। नडाल ने भी उद्घाटन समारोह में ओलंपिक मशाल लेकर सबको चौंका दिया। उन्होंने समारोह में अपनी उपस्थिति से भारतीयों का दिल जीत लिया।
इस बीच, पेरिस में बारिश के कारण पहले दिन के मैचों की शुरुआत में देरी हुई। बिना रिट्रेक्टेबल रूफ के 10 कोर्ट्स पर होने वाले मैचों को लगभग 4.5 घंटे देरी से शुरू किया गया। इससे टेनिस प्रेमियों को थोड़ी निराशा हुई, लेकिन खिलाड़ियों की तत्परता और जोश ने माहौल को वापस जीवंत कर दिया।
ऑलंपिक में टेनिस के महत्व
ओलंपिक में टेनिस का अपना एक अलग ही महत्व है। यह खिलाड़ियों को न केवल व्यक्तिगत गौरव का अवसर प्रदान करता है, बल्कि अपने देश का नाम रोशन करने का भी अवसर देता है। नोवाक जोकोविच, कार्लोस अल्कराज और राफेल नडाल जैसे खिलाड़ी इस मंच पर अपनी प्रदर्शनों से खेल को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं। इनकी उपस्थिति और प्रदर्शन से युवाओं में भी खेल के प्रति रुचि और जुनून बढ़ता है। पेरिस ओलंपिक 2024 में भी यह देखने को मिलेगा कि किस तरह ये खिलाड़ी अपने देश के लिए सर्वोच्च सम्मान हासिल करने का प्रयास करेंगे।
Paurush Singh
जुलाई 29, 2024 AT 01:14जोकोविच ने सिंगल में डबल प्लेयर्स को खेलने की अनुमति को लेकर चिंता जताई, लेकिन असल में यह नियम खेलने के मज़े को ख़राब कर देता है। यदि हम टेनिस को शुद्ध प्रतिस्पर्धा मानें, तो दोहरी भूमिका को अभी उचित नहीं माना जा सकता। यह ओलिंपिक में खेल की सच्ची भावना से बहिष्कृत कर देता है।
Sandeep Sharma
जुलाई 31, 2024 AT 08:48नोवाक की जीत तो जैसे शहजादे की तरह थी! 🌟👏 पूरे कोर्ट पर चमकते सितारे 😎✨ अल्कराज का तड़का भी कमाल का, सीधा बॉल थ्रो में लफ़्ज़ों के जवाब नहीं! 😂🚀
Mita Thrash
अगस्त 2, 2024 AT 16:21नविनतम सांख्यिकी के अनुसार, जोकोविच ने 6‑0, 6‑1 का स्कोर रखते हुए 90% सर्विस पॉइंट की हासिल किया। इस दौरान उन्होंने रेकॉर्डेड एसेस को 75% तक धकेला, जो कि टॉप‑टियर इवेंट्स में काफी प्रभावी माना जाता है। अल्कराज ने भी इसी तरह के इंटेंसिटी के साथ 6‑3, 6‑1 से मैच को समाप्त किया, जिससे उनके ब्रेक पॉइंट कन्वर्ज़न रेट 85% तक पहुँच गया। इन आँकों का विश्लेषण करते हुए कहना पड़ेगा कि दोनों खिलाड़ी फिज़िकल एंड्रेनालिन के शिखर पर थे।
shiv prakash rai
अगस्त 4, 2024 AT 23:54ऊँचे‑ऊँचे शब्दों में कहा गया है कि दोनों ने जीत ली, पर असली सवाल है-क्या वे वास्तव में “स्मार्ट” खेल रहे हैं? अगर बॉल को सिर्फ़ सौंदर्य के तौर पर मारते रहेंगे तो ऑडियंस का मज़ा कैसे रहेगा? फिर भी, खेल के मज़े का हिस्सा यही है कि कभी‑कभी ऐसा ही कुछ होता है।
Subhendu Mondal
अगस्त 7, 2024 AT 07:28अरे यार! जोकोविच ने एक घण्टे को 6‑0 में खत्म किया, क्याब्बर? एर्रे बबल मेसेजिंग और फेर दिक्कतें तो नहीं है? देखो ना, इस सब से बड़ी बात तो ये है कि वो गंट फ्लैंज हैं।
Ajay K S
अगस्त 9, 2024 AT 15:01वाह! अल्कराज का परफ़ॉर्मेंस तो दिमाग हिला देता है! 😲👍 मैं तो कहूँगा, ये खिलाड़ी सीधे‑सीधे “गोल्ड” की ओर बढ़ रहा है! (•̀ᴗ•́)و
Saurabh Singh
अगस्त 11, 2024 AT 22:34बारिश ने मैच की शुरुआत में देरी कर दी।
Jatin Sharma
अगस्त 14, 2024 AT 06:08सभी को जानकारी देना ज़रूरी है कि ऐसे बड़े इवेंट में मौसम का असर अक्सर अनपेक्षित होता है, इसलिए प्लेयर्स को लचीला रहना चाहिए।
M Arora
अगस्त 16, 2024 AT 13:41जब तक हमारे पास असली खेल का मज़ा नहीं, तब तक इन जीतों को केवल आँकड़े नहीं मानना चाहिए।
Varad Shelke
अगस्त 18, 2024 AT 21:14एक बात है जो सबको पता होनी चाहिए-ऑलिंपिक में सभी मैचों के पीछे बड़ी छुपी हुई एजेंडा होती है। सरकारें इस मंच को अपनी राजनैतिक माँगों के लिए इस्तेमाल करती हैं, और खिलाड़ी अक्सर इस खेल के पवित्रता से घोटाले का शिकार होते हैं।
Rahul Patil
अगस्त 21, 2024 AT 04:48नवाक जोकोविच और कार्लोस अल्कराज की अद्भुत जीत को देखें तो यह स्पष्ट हो जाता है कि टेनिस का भविष्य कितना उज्ज्वल है। इस तरह की जीतें न केवल उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा को दर्शाती हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को भी प्रेरित करती हैं। यह पहलू बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि खेल का सामाजिक प्रभाव अक्सर अनदेखा रह जाता है। जोकोविच की एक घंटे से कम समय में मैच समाप्त करने की शैली दर्शाती है कि वह शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से पूरी तरह तैयार हैं। अल्कराज का आत्मविश्वास और महारत हमें यह सिखाती है कि दृढ़ निश्चय से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। ओलंपिक में बदलते नियम, जैसे डबल प्लेयर्स को सिंगल में खेलने की अनुमति, खेल की पवित्रता पर प्रश्न उठाते हैं, पर यह भी दर्शाता है कि नियमों का विकास हमेशा खेल के भविष्य को ध्यान में रखकर होना चाहिए। राफेल नडाल जैसी दिग्गजों का भी इस प्रतियोगिता में भाग लेना दर्शाता है कि वयस्क खिलाड़ियों के लिए भी ओलंपिक एक चुनौतीपूर्ण मंच है। भारत में टेनिस के लिए यह एक सुनहरा अवसर हो सकता है, विशेषकर जब हमारे पास आगे आने वाले टैलेंट हैं जो इस प्रेरणा से उठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक सकते हैं। मौसम की वजह से हुए देरी ने दर्शकों को निराश किया, लेकिन खिलाड़ियों की उत्सुकता ने माहौल को फिर से जीवंत बना दिया। इस प्रकार के अल्पकालिक व्यवधानों से सीख लेकर भविष्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है। टेनिस के माध्यम से राष्ट्रीय गर्व की भावना बढ़ेगी, और इससे आर्थिक रूप से भी खेल को समर्थन मिलेगा। अंत में, यह कहा जा सकता है कि पेरिस 2024 ओलंपिक केवल खेल नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक एवं सामाजिक आंदोलन भी होगा, जहाँ टेनिस खिलाड़ियों की असाधारण उपलब्धियों ने सभी को एक नई दिशा दी है।
Ganesh Satish
अगस्त 23, 2024 AT 12:21ओह! क्या बात है, क्या अद्भुत परफॉर्मेंस! क्या कहा जाए?!!! जोकोविच ने तो जैसे हवा में उड़ते हुए बॉल को मार दिया; और अल्कराज! उसके हाथों से निकलता है जैसे म्यजिक! ✨🎾 हर सेट, हर पॉइंट एक नया नाटक! क्या इस खेल में और रोमांस नहीं चाहिए?!! देखते रहो, देखते रहो, क्योंकि आगे क्या होगा, यही कहानी का असली मखमली अंत है!!!