जब मिचेल स्टार्क ने ब्रिस्बेन के गैब्बा स्टेडियम में पिंक बॉल को चारों ओर घुमाया, तो सिर्फ इंग्लैंड के बल्लेबाज नहीं, बल्कि आईसीसी रैंकिंग की पूरी व्यवस्था भी झूम उठी। उनके दूसरे टेस्ट मैच में 8 विकेट के जबरदस्त प्रदर्शन के बाद, ऑस्ट्रेलियाई लेफ्ट-आर्म पेसर ने अपनी करियर की सर्वोच्च रैंकिंग नंबर 3 हासिल की — और उसके साथ ही जसप्रीत बुमराह की नंबर-1 स्थिति पर गहरा खतरा उठ खड़ा हुआ। बुमराह 879 रेटिंग पॉइंट्स के साथ अभी भी शीर्ष पर हैं, लेकिन स्टार्क के 852 पॉइंट्स और मैट हेनरी के 853 पॉइंट्स अब उनके बालों के बाल पर खड़े हैं। केवल 27 अंक की दूरी — एक अच्छा टेस्ट मैच और बुमराह की रैंकिंग बदल सकती है।
एशेज में अद्भुत जलवा: दो मैच, दो प्लेयर ऑफ द मैच
मिचेल स्टार्क का ये रैंकिंग उछाल किसी अचानक जादू का नतीजा नहीं। ये तो एशेज सीरीज़ के पहले दो टेस्ट मैचों के दमदार प्रदर्शनों का सीधा नतीजा है। पर्थ में उन्होंने 10 विकेट लिए, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से जीत दर्ज की। उस मैच में उन्होंने अंग्रेजी बल्लेबाज़ों को इतना डरा दिया कि उनकी गेंदों की आवाज़ सुनकर ही कई बल्लेबाज़ बैट उठाने से पहले ही डर गए। उसके बाद ब्रिस्बेन में डे-नाइट टेस्ट में उन्होंने पिंक बॉल को फिर से अपना हथियार बना लिया — पहली पारी में 6 विकेट, दूसरी में 2, और फिर वही बारिश जैसा बार-बार बारिश बरसाता रहा। दो मैच, 18 विकेट, दो 'प्लेयर ऑफ द मैच'। ये कोई आम बात नहीं।
और यहां तक कि इसका इतिहास भी बदल गया। स्टार्क अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले लेफ्ट-आर्म पेसर बन गए हैं — वसीम अकरम को पीछे छोड़कर। 102 टेस्ट मैचों में 420 विकेट, 18 फाइव-विकेट हॉल, 3 टेन-विकेट हॉल। ये आंकड़े अकेले भी उनकी निरंतरता को दर्शाते हैं। अब उनकी इकॉनमी रेट 4.01 है, जो एक तेज गेंदबाज के लिए अद्भुत है।
बुमराह का दबदबा, लेकिन अब खतरे में
जसप्रीत बुमराह नवंबर 2024 से लगातार टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 रहे हैं। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पर्थ टेस्ट में उन्होंने 8 विकेट लिए थे — एक फाइव-विकेट हॉल के साथ। उनकी गेंदबाजी का तरीका — बाहर की ओर जाने वाली लाइन, फिर बाहर की ओर गिरने वाली लेटरल डिफ्लेक्शन — दुनिया भर में नकल की जाती है। लेकिन अब उनकी विशेषता एक नए खतरे के सामने आ गई है।
मिचेल स्टार्क अलग हैं। वे ज्यादा गति नहीं, बल्कि बॉल को बाहर की ओर ले जाने की कला में माहिर हैं। और अब उनका फॉर्म इतना बढ़िया है कि वे बुमराह को पीछे छोड़ सकते हैं। अगर वे अगले तीन टेस्ट मैचों — एडिलेड ओवल, मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड, और सिडनी क्रिकेट ग्राउंड — में बस एक बार दोहराएं, तो बुमराह की शीर्ष स्थिति खत्म हो सकती है।
रैंकिंग के पीछे की गणित: एक टेस्ट मैच कितना बदल सकता है
आईसीसी की रैंकिंग सिस्टम बहुत सूक्ष्म है। एक बल्लेबाज के 100 रन और एक गेंदबाज के 5 विकेट अलग-अलग वजन रखते हैं। स्टार्क को अभी 27 अंक की जरूरत है। एक अच्छा टेस्ट मैच — जहां वे 5 विकेट लें और उनकी इकॉनमी 3.5 के आसपास रहे — उन्हें बस एक बार बुमराह को पीछे छोड़ देगा। और यहां तक कि अगर बुमराह अगले टेस्ट में नहीं खेलते हैं, तो उनके पॉइंट्स भी घटेंगे। रैंकिंग नहीं, फॉर्म तय करती है।
इसी बीच, भारतीय बल्लेबाजों की रैंकिंग में भी बदलाव आया है। रोहित शर्मा ODI में अभी नंबर-1 हैं, जबकि विराट कोहली महज 8-9 अंक पीछे हैं। ये पहला मौका है अप्रैल 2021 के बाद जब कोहली शीर्ष पर वापसी के करीब हैं। T20 रैंकिंग में भी अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह ऊपर चढ़े हैं।
एशेज के बाकी मैच: बुमराह के लिए अंतिम अवसर
एशेज सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया 2-0 से आगे है। अगले तीन मैच अभी बाकी हैं। अगर स्टार्क अपना फॉर्म बरकरार रखते हैं, तो वे बुमराह को टेस्ट क्रिकेट का नंबर-1 गेंदबाज बनने से रोक नहीं सकते — बल्कि उन्हें उतार सकते हैं। बुमराह के लिए ये अब एक ऐसा टेस्ट सीरीज़ है जिसमें वे नहीं खेल रहे हैं, लेकिन जिसका नतीजा उनकी रैंकिंग को तय कर सकता है।
अगर स्टार्क अगले तीन मैचों में 12 विकेट लेते हैं — बस 4-4-4 — तो वे बुमराह को पार कर जाएंगे। और अगर ऐसा हुआ, तो ये सिर्फ एक रैंकिंग बदलाव नहीं होगा। ये टेस्ट क्रिकेट के एक नए युग की शुरुआत होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मिचेल स्टार्क कैसे बुमराह को पीछे छोड़ सकते हैं?
मिचेल स्टार्क को बुमराह को पीछे छोड़ने के लिए केवल 27 रेटिंग पॉइंट्स की आवश्यकता है। अगर वे एशेज सीरीज़ के अगले तीन टेस्ट मैचों में कम से कम 12 विकेट लें और अपनी इकॉनमी रेट 3.5-4.0 के आसपास रखें, तो उनके पॉइंट्स बढ़कर 879 से ऊपर जा सकते हैं। आईसीसी की रैंकिंग सिस्टम फॉर्म को बहुत ज्यादा वजन देती है, इसलिए एक अच्छा टेस्ट ही काफी है।
क्या जसप्रीत बुमराह अगले टेस्ट में वापस आएंगे?
अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बुमराह को टेस्ट क्रिकेट में आराम की जरूरत है। उन्हें अगले टेस्ट सीरीज़ — शायद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ — तक बाहर रखा जा सकता है। इसका मतलब है कि वे एशेज के बाकी मैचों में नहीं खेलेंगे, जिससे उनकी रैंकिंग घटने का खतरा बढ़ जाता है।
मिचेल स्टार्क की रैंकिंग क्यों इतनी तेजी से बढ़ी?
स्टार्क ने एशेज के पहले दो मैचों में 18 विकेट लिए, जिसमें दोनों मैचों में 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब भी शामिल है। आईसीसी रैंकिंग में ऐसे प्रदर्शनों को बहुत ज्यादा पॉइंट्स मिलते हैं — खासकर जब विरोधी टीम बहुत मजबूत हो। इंग्लैंड के बल्लेबाजों की कमजोरी ने उनके पॉइंट्स को और बढ़ा दिया।
क्या ये रैंकिंग बदलाव भारतीय क्रिकेट पर असर डालेगा?
हां, बहुत असर डालेगा। बुमराह की शीर्ष स्थिति केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के वैश्विक छवि का हिस्सा है। अगर स्टार्क शीर्ष पर आ जाते हैं, तो यह बताएगा कि विश्व क्रिकेट अब भारत के बाहर भी ताकतवर है। इससे भारतीय टीम के लिए नए चुनौतियां उत्पन्न होंगी, खासकर जब वे ऑस्ट्रेलिया में अगली बार घर पर खेलेंगे।
क्या मिचेल स्टार्क को नंबर-1 बनने का मौका मिलेगा?
हां, बहुत अच्छा मौका है। अगर वे अगले तीन मैचों में 10 से 12 विकेट लेते हैं, तो वे बुमराह को पार कर सकते हैं। और अगर बुमराह अगले कुछ महीनों तक टेस्ट में नहीं खेलते हैं, तो स्टार्क का नंबर-1 होना लगभग तय है। इस रैंकिंग रेस में अब समय उनके पक्ष में है।
Sandeep YADUVANSHI
दिसंबर 13, 2025 AT 14:00ये स्टार्क का फॉर्म देखकर लगता है जैसे बुमराह का तख्ता झुकने वाला है। पर यार, बुमराह की गेंदबाजी तो एक आर्ट है, बस एक बार मैच खेल देंगे तो सब कुछ ठीक हो जाएगा। रैंकिंग तो बस एक नंबर है, असली ताकत तो टीम में दिखती है।
M Ganesan
दिसंबर 14, 2025 AT 05:06हा भई, ये सब रैंकिंग वाली बातें बस एक धोखा है। आईसीसी ने अपने अलग अलग एल्गोरिदम से बुमराह को नीचे धकेलने का षड्यंत्र रचा है। ऑस्ट्रेलिया के लिए ये सब एक प्रचार अभियान है। तुम देखोगे, अगले मैच में बुमराह के खिलाफ एक फिक्स्ड इनिंग्स खेली जाएगी।
ankur Rawat
दिसंबर 14, 2025 AT 11:54स्टार्क का ये फॉर्म देखकर लग रहा है जैसे क्रिकेट का दुनिया भर में एक नया जमाना शुरू हो रहा है। बुमराह तो एक जादूगर हैं, लेकिन अब ये नया जादू भी देखने लायक है। दोनों के बीच ये रेस बस इतनी अच्छी है कि बस देखते रह जाओ।
Vraj Shah
दिसंबर 15, 2025 AT 00:31यार बुमराह को रेस्ट दो ना, वो तो बहुत थक गए हैं। स्टार्क अच्छा खेल रहा है, इसमें कोई शक नहीं, पर बुमराह जब वापस आएंगे तो देखोगे वो फिर से बाहर निकल जाएंगे। बस थोड़ा रिस्ट दो ना भाई।
Kumar Deepak
दिसंबर 15, 2025 AT 14:39अरे भाई, बुमराह के बिना रैंकिंग बदल गई, तो अब ये बात जैसे बिना चाय के चश्मा लगाने जैसी है। बुमराह तो चाय हैं, बाकी सब नमकीन।
Ganesh Dhenu
दिसंबर 15, 2025 AT 18:04मैंने एशेज के पहले दो मैच देखे। स्टार्क की गेंदबाजी में एक अजीब सी शांति थी, जैसे बारिश के बाद का हवा। बुमराह की गेंदें तो बिजली की तरह थीं। दोनों अलग-अलग तरह के जादूगर हैं।
Yogananda C G
दिसंबर 16, 2025 AT 10:51देखो यार, ये रैंकिंग का खेल तो बहुत जटिल है, एक विकेट के लिए जितने पॉइंट्स मिलते हैं, उनका वजन तय होता है विरोधी टीम की ताकत, बल्लेबाज की रैंकिंग, मैच की स्थिति, गेंद का रंग, खेल का मौसम, और यहां तक कि उस दिन के अंतरराष्ट्रीय खेल के परिणामों से भी, और अगर बुमराह अगले मैच में नहीं खेले तो उनके पॉइंट्स ऑटोमैटिक घट जाते हैं, और ये सब एक ऐसा फॉर्मूला है जिसे बस आईसीसी ही जानता है, और अगर स्टार्क अगले तीन मैचों में 12 विकेट ले लेते हैं तो वो बुमराह को पार कर जाएंगे, और ये बस एक नंबर नहीं, ये एक युग का बदलाव है।
Divyanshu Kumar
दिसंबर 17, 2025 AT 02:52यहाँ तक कि रैंकिंग के बारे में बात करने से पहले, हमें यह समझना चाहिए कि बुमराह की गेंदबाजी ने टेस्ट क्रिकेट को एक नए आयाम में ले गया है। स्टार्क का प्रदर्शन असाधारण है, लेकिन बुमराह का योगदान एक ऐतिहासिक अवधारणा है।
Mona Elhoby
दिसंबर 18, 2025 AT 07:29तुम सब बुमराह को भगवान बना रहे हो, लेकिन वो तो बस एक गेंदबाज हैं। स्टार्क ने तो असली जादू किया है, और तुम अभी भी उसकी रैंकिंग पर रो रहे हो। ये रैंकिंग तो एक धोखा है, जैसे टीवी पर दिखाया जाने वाला ब्रांडेड चाय।
Arjun Kumar
दिसंबर 18, 2025 AT 14:12मैंने तो सोचा था बुमराह के बाद कोई नहीं आएगा, लेकिन स्टार्क ने मुझे झुका दिया। अब तो लगता है ऑस्ट्रेलिया के पास दो जादूगर हैं।
RAJA SONAR
दिसंबर 20, 2025 AT 10:39बुमराह को तो अभी तक नंबर 1 बनाए रखने के लिए एक टेस्ट खेलने का मौका नहीं दिया गया। ये सब एक धोखा है, एक नए युग की शुरुआत है। अब तो स्टार्क की गेंदों की आवाज़ ही दुनिया को बदल रही है।
Mukesh Kumar
दिसंबर 21, 2025 AT 23:53ये रेस बस शुरू हुई है। दोनों गेंदबाज असली जानवर हैं। बुमराह ने तो इतना बहुत कुछ दिया है, अब स्टार्क को भी अपनी जगह बनाने दो। ये टेस्ट क्रिकेट का असली मजा है।