जब आप मोबाइल या कंप्यूटर से पैसे भेजते‑भेजते, बिल चुकाते या शॉपिंग करते हैं, वही ऑनलाइन लेनदेन कहलाता है। अब नक़द नहीं, सिर्फ़ कुछ क्लिक में पूरा काम हो जाता है। यही कारण है कि हर दिन लाखों लोग इसका उपयोग कर रहे हैं और खबरें भी रोज़ नई आती रहती हैं।
ऑनलाइन लेनदेन आसान है, लेकिन ध्यान न दिया तो धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है। सबसे पहले दो‑फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन करें; एक पासवर्ड और दूसरा OTP मिलकर सुरक्षा को दोगुना बनाते हैं। दूसरा, सार्वजनिक वाई‑फाइ पर बैंकिंग ऐप या वेबसाइट इस्तेमाल न करें – हॅकर्स वहाँ आसानी से डेटा चुराते हैं।
तीसरा, हमेशा आधिकारिक एपीप्लीकेशन या साइट का URL देखें; "https" और पैडलॉक दिखे तो भरोसेमंद माना जाता है। अगर कोई अनजान लिंक पर क्लिक करके लॉगिन करने को कहे, तो तुरंत बंद कर दें। चौथा, अपने मोबाइल में एंटी‑वायरस अपडेट रखें – ये छोटे‑छोटे मैलवेयर से बचाता है जो आपके पैसों की जानकारी चोरी कर सकते हैं।
फ़िनटेक स्टार्टअप्स हर साल नई सुविधाएँ लॉन्च करते हैं। इस साल UPI 2.0 में मल्टी‑पेयर ट्रांसफर, रियल‑टाइम इनवॉइस जेनरेशन और एआई आधारित धोखा पहचान प्रणाली जो मिनटों में फ़्रॉड ब्लॉक कर देती है।
भुगतान गेटवे अब QR कोड के साथ NFC (नियर फील्ड कम्युनिकेशन) भी सपोर्ट करते हैं, तो आप सिर्फ़ फोन टच करके बिल चुका सकते हैं। डिजिटल वॉलेट्स में 'स्मार्ट सेविंग्स' फ़ीचर आता है जहाँ बकाया राशि को स्वचलित रूप से बचत खाते में ट्रांसफर किया जाता है।
अगर आप छोटे व्यापारियों के लिए आसान समाधान चाहते हैं, तो "ऑनलाइन लेनदेन एपीआई" का उपयोग कर सकते हैं। इससे आपका ऑनलाइन शॉप या ऐप बिना बड़े तकनीकी टीम के सीधे बैंकिंग सिस्टम से जुड़ सकता है। यह तरीका तेज़, किफायती और सुरक्षित माना जाता है।
भुगतान में रियल‑टाइम नोटिफिकेशन अब स्टैंडर्ड हो गया है – जब भी आपका पैसा भेजा या प्राप्त हुआ, एक पॉप‑अप या एसएमएस तुरंत पहुंचता है। इस सुविधा से आप कभी भी अपना बैलेंस नहीं भूलते और लेनदेन का हिस्ट्री आसानी से ट्रैक कर सकते हैं।
इन सब तकनीकों के बावजूद सबसे बड़ा नियम वही रहता है – अपने पैसों को संभाल कर रखें, नियमित रूप से स्टेटमेंट देखें और किसी अनजाने लिंक पर क्लिक न करें। अगर कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत बैंक या एप्लिकेशन सपोर्ट को रिपोर्ट करें।
ऑनलाइन लेनदेन का भविष्य तेज़, सुरक्षित और हर आदमी के लिये सुलभ होगा। नई अपडेट्स और टिप्स के लिए त्रयी समाचार पर जुड़े रहें – हम आपको रोज़ नया समाचार और व्यावहारिक सलाह देते हैं।
सितंबर 9, 2024
GST परिषद ने 2,000 रुपये से कम की लेनदेन पर 18% GST लगाने के मुद्दे को फिटमेंट समिति को सौंपा है। यह कदम छोटे ऑनलाइन भुगतान को प्रभावित कर सकता है। पहले जारी अधिसूचना के तहत, भुगतान एग्रीगेटर्स को इन लेनदेन पर टैक्स चार्ज नहीं करना होता था।
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