अगर आप लाइव क्रिकेट देखते हैं तो शायद आपने कभी ‘स्टम्प माइक्रोफ़ोन’ शब्द सुना होगा, लेकिन इसका असली काम क्या है? आसान भाषा में कहें तो यह छोटा सा डिवाइस पिच के बीच वाले स्टम्पों में लगा होता है और बॉल की आवाज़ को बहुत साफ़ रिकॉर्ड करता है। इससे रेफ्री को बॉल के टक्कर या ‘हिट‑विक्ट’ का सटीक पता चलता है, खासकर जब कैमरों से कुछ छुपा हो जाता है।
डिवाइस में हाई‑सेंसेटिव माइक्रोफ़ोन और छोटा एंफेसिस होता है जो बॉल के टकराव को ध्वनि तरंगों में बदल देता है। जब बॉल स्टम्प से टकराती है, तो आवाज़ माइक्रोफ़ोन तक पहुँचती है और तुरंत स्कोरिंग सॉफ्टवेयर में भेजी जाती है। फिर यह डेटा डीआरएस (डिस्प्ले रिव्यू सिस्टम) के साथ मिलाकर रेफ्री को दिखाया जाता है। इस प्रक्रिया का टाइम‑लैग लगभग 0.2 सेकंड रहता है, इसलिए दर्शकों को कोई देरी नहीं महसूस होती।
यह तकनीक पहले सिर्फ अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैचों में इस्तेमाल हुई थी, लेकिन अब आईपीएल 2025 जैसी बड़े लीगों में भी इसका प्रयोग बढ़ रहा है। हाल ही में कुछ टीमों ने स्टम्प माइक की मदद से ‘नॉ-बॉल’ या ‘वाइड‑बॉल’ के निर्णय को और तेज़ बनाने का दावा किया है, जिससे गेम फ्लो बेहतर होता है।
अभी कई कंपनियां स्टम्प माइक को एआई‑आधारित एनालिटिक्स से जोड़ रही हैं। इसका मतलब है कि केवल बॉल की ध्वनि ही नहीं, बल्कि उसकी गति, घुमाव और रूट भी रिकॉर्ड हो सकेगा। अगर यह सफल रहा तो टीमों को बल्लेबाज़ी या गेंदबाज़ी के पैटर्न समझने में मदद मिलेगी, जिससे स्ट्रैटेजी बनाना आसान होगा।
एक और दिलचस्प प्रयोग है ‘वर्चुअल रिव्यू कॉम्पेयर’ – जहाँ दर्शक अपने मोबाइल पर माइक्रोफ़ोन की आवाज़ को सुनकर वास्तविक निर्णय से तुलना कर सकते हैं। यह इंटरेक्टिव फीचर अभी बीटा टेस्टिंग में है, लेकिन अगर लागू हुआ तो फैंस का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा।
अभी तक के आंकड़े बताते हैं कि स्टम्प माइक की वजह से रेफ्री की गलतियों में लगभग 15% कमी आई है। यह प्रतिशत आगे बढ़ने पर मैचों का भरोसा और भी बढ़ेगा, खासकर जब टाई या नजदीकी सिचुएशन हो। इसलिए कई संघटनें अब इस तकनीक को सभी स्तरों पर लागू करने की योजना बना रही हैं – स्कूल टू प्रोफेशनल लेवल तक।
अगर आप अभी भी सोच रहे हैं कि यह आपके देखे जाने वाले खेल से कैसे जुड़ा है, तो बस एक बार मैच के दौरान ‘स्टम्प माइक’ बटन को देखें या टॉप‑कॉमेंट्री में रेफ़री के निर्णय सुनें – यही छोटा डिवाइस बड़े बदलाव का कारण बन रहा है।
नवंबर 12, 2024
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20I मैच में हार्दिक पांड्या की धीमी बैटिंग और स्टंप माइक पर की गई टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया। उनके रन बनाने की गति को लेकर प्रशंसकों और विशेषज्ञों ने आलोचना की। इस मैच में भारत 124/6 पर रोक दिया गया, जबकि पांड्या से बड़े स्कोर की उम्मीद की जा रही थी।
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