आपको हाल ही में कौन‑सा वायरस सबसे ज़्यादा परेशान कर रहा है? कोविद़-19 के बाद से कई नई बीमारियाँ उभरी हैं, और साथ ही कंप्यूटरों पर भी नए‑नए मालवेयर आ रहे हैं। इस पेज पर हम आपको रोज़मर्रा की जिंदगी में मिलते वायरस की ताज़ा ख़बरें, उनकी वजह से होने वाले असर और बचाव के आसान तरीके बताएंगे।
दिसंबर 2024 तक भारत में डेंगू और मलेरिया के केस बढ़े हैं, लेकिन सबसे बड़ी चिंता अभी भी कोविड़-19 का नया वेरिएंट है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बूस्टर वैक्सीन दो महीने से कम समय में ली जाए तो गंभीर लक्षणों को काफी घटाया जा सकता है। अगर आपको खांसना या सांस लेने में दिक्कत महसूस हो, तो तुरंत नज़दीकी टेस्ट करवाएँ—बहुतेरे निजी लैब्स पर 2 घंटे में परिणाम मिल जाता है।
वायरस से बचाव का सबसे आसान तरीका साफ‑सफाई और हाथ धोना है। साबुन या अल्कोहल‑आधारित सॉल्यूशन कम से कम 20 सेकेंड तक लगाएँ, खासकर बाहर से घर आने पर। अगर आप बच्चों के साथ हैं तो उनका टीकाकरण अपडेट रखें; यह न सिर्फ उन्हें बचाता है बल्कि पूरे परिवार को सुरक्षित रखता है।
डिजिटल दुनिया में भी वायरस रोज़ नया रूप ले रहा है। 2024 के अंत में एक नई रैनसमवेयर ने कई छोटे‑बड़े व्यवसायों को निशाना बनाया, लेकिन एंटीवायरस कंपनियों ने तुरंत अपडेट जारी कर समस्या का हल किया। आपके कंप्यूटर की सुरक्षा के लिए सबसे ज़रूरी है—ऑपरेटिंग सिस्टम और सभी सॉफ़्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट रखें।
ई‑मेल में अजनबी लिंक या अनजान अटैचमेंट नहीं खोलें; अक्सर ये फ़िशिंग का साधन होते हैं। अगर आपका कंप्यूटर धीमा चल रहा है, तो एक भरोसेमंद एंटीवायरस स्कैन चलाएँ और अनावश्यक फाइलें डिलीट कर दें। क्लाउड बैक‑अप भी मददगार रहता है—डेटा को ऑनलाइन रखिए तो रैंसमवेयर से बच सकते हैं।
इन आसान कदमों से आप स्वास्थ्य वाइरस और कंप्यूटर वायरस दोनों से खुद को बचा सकते हैं। हर दिन की छोटी-छोटी सावधानियों का बड़ा असर होता है, इसलिए अपडेट रहना और सही जानकारी रखना सबसे बड़ी सुरक्षा बन जाता है। त्रयी समाचार पर बने रहें, हम आपको रोज़ नई खबरें और भरोसेमंद टिप्स देंगे।
सितंबर 9, 2024
भारत में पहला संदिग्ध मंकीपॉक्स मामला सामने आया है। मरीज हाल ही में एक अन्य देश से लौटा है जहाँ मंकीपॉक्स के मामले पाए जा रहे हैं। मरीज को अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है और उसकी स्थिति स्थिर है। मरीज के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
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