Zoho एक क्लाउड‑आधारित सॉफ्टवेयर सूट है जो छोटे से बड़े सभी व्यवसायों की जरूरतें पूरी करता है। अगर आप अपने काम को ऑनलाइन आसान बनाना चाहते हैं, तो Zoho के टूल्स एकदम सही हैं। इस लेख में हम ज़ोहो के मुख्य प्रोडक्ट, उन्हें कैसे सेट‑अप करें और कुछ उपयोगी टिप्स बताएँगे जिससे आपका समय बचेगा और काम तेज़ होगा।
Zoho कई अलग-अलग एप्लीकेशन देता है, लेकिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल वाले तीन हैं:
इनके अलावा Zoho People (HR), Zoho Desk (कस्टमर सपोर्ट) और Zoho One (पूरा सूट) भी उपलब्ध हैं। सभी टूल्स एक ही डैशबोर्ड से जुड़े होते हैं, इसलिए डेटा दोहराने की जरूरत नहीं पड़ती।
पहला कदम है Zoho की वेबसाइट पर जाना और “Free Trial” बटन क्लिक करना। फ्री ट्रायल में अधिकांश प्रोडक्ट्स 15‑30 दिन तक मुफ्त मिलते हैं, जिससे आप देख सकते हैं कि कौन सा आपके काम के लिए सही है। रजिस्टर करते समय अपना ईमेल, मोबाइल नंबर और कंपनी का नाम भरें – दो‑स्टेप वेरिफिकेशन से अकाउंट सुरक्षित रहता है।
एक बार लॉगिन कर लेने पर डैशबोर्ड में “Create New App” चुनें। अगर आप CRM शुरू करना चाहते हैं तो ‘CRM’ पर क्लिक करें, फिर बुनियादी सेटिंग्स जैसे कंपनी का पता, बिक्री चरण और इंपोर्टेड कॉन्टैक्ट लिस्ट अपलोड करें। डेटा को CSV फ़ाइल से आसानी से इम्पोर्ट किया जा सकता है।
Zoho Books के लिए पहले बैंक अकाउंट जोड़ें, फिर इनवॉइस टेम्प्लेट चुनें और ग्राहकों की जानकारी डालें। हर महीने का रिव्यू करने में मदद करने के लिये “Auto‑Reminder” फीचर चालू कर दें – इससे देर से भुगतान कम हो जाता है।
प्रोजेक्ट शुरू करते समय टीम मेंबर जोड़ें, टास्क डेडलाइन सेट करें और प्रोग्रेस बार को देखिए। अगर आप मोबाइल से काम करना चाहते हैं तो Zoho की ऐप्स (Android/iOS) डाउनलोड कर लें – सब कुछ हाथ की पहुंच में रहेगा।
अंत में एक चीज़ याद रखें: सभी Zoho एप्लिकेशन एक दूसरे के साथ सिंक होते हैं, इसलिए एक बार डेटा डालने पर दोहराने का झंझट नहीं रहता। अगर कोई समस्या आए तो “Help Center” या लाइव चैट से मदद ले सकते हैं – सपोर्ट टीम 24 घंटे उपलब्ध है।
Zoho को अपनाकर आप समय बचा सकते हैं, खर्च कम कर सकते हैं और अपने बिजनेस को प्रोफ़ेशनल बना सकते हैं। आज ही फ्री ट्रायल शुरू करें और देखें कि डिजिटल टूल्स आपके काम में कितना बड़ा फर्क लाते हैं।
नवंबर 10, 2024
Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने Freshworks के हालिया छंटनी कदम की तीखी आलोचना की है। वेम्बु का कहना है कि इतने बड़े वित्तीय संसाधनों के बावजूद कर्मचारियों की छंटनी सिर्फ शेयरधारकों के मुनाफे के लिए करना अनुचित है। इसके साथ ही वेम्बु ने अमेरिकी कॉर्पोरेट संस्कृति की भी कड़ी आलोचना की, पूछते हुए कि क्या कंपनियाँ छोटे लाभ के लिए दीर्घकालिक नैतिकता को अनदेखा कर रही हैं।
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