RBI ने ओडिशा व मणिपुर में रथ यात्रा के कारण 27 जून को बैंक छूट दी: पूरा शेड्यूल

Ranjit Sapre अक्तूबर 13, 2025 समाचार 9 टिप्पणि
RBI ने ओडिशा व मणिपुर में रथ यात्रा के कारण 27 जून को बैंक छूट दी: पूरा शेड्यूल

जब रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने 27 जून 2025 को ओडिशा और मणिपुर में रथ यात्रा (Kang) के कारण बैंक छुट्टी घोषित की, तो सैकड़ों लोगों ने अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप खोले और आगे की योजना बनानी शुरू कर दी। इस छुट्टी का असर सिर्फ दो राज्यों तक सीमित नहीं – अगले दो दिन, 28‑29 जून, सभी राष्ट्रीय स्तर के बैंक पूरी भारत में बंद रहेंगे, जबकि 30 जून को मिज़ोरम में "Remna Ni" के नाम से छुट्टी के साथ बैंक बंद रहेंगे।

रथ यात्रा 2025 का विस्तृत कैलेंडर

पुड़ी के जगन्नाथ मंदिर में 27 जून से शुरू होने वाला रथ यात्रा 2025 कई प्राचीन अनुष्ठानों से जुड़ा है। यहाँ प्रमुख तिथियों की एक झलक है:

  • 30 अप्रैल – अक्षय तृतीया (रथ निर्माण की शुरुआत)
  • 11 जून – स्नान पूर्णिमा (देवताओं का पवित्र स्नान और गज भेष)
  • 12‑26 जून – अनावसर (स्नान के बाद देवताओं का विश्राम)
  • 26 जून – गुंडीचा मार्जना (गुंडीचा मंदिर की सफाई)
  • 27 जून – रथ यात्रा (मुख्य परेड)
  • 1 जुलाई – हेरे पंचमी (भगिनी लक्ष्मी का प्रतीकात्मक दौरा)
  • 3 जुलाई – संध्यादर्शन (शाम के दर्शन)
  • 5 जुलाई – बहुड़ा यात्रा (वापसी परेड)
  • 6 जुलाई – सुना भेष (स्वर्ण आभूषण)
  • 7 जुलाई – अधर पाना (विशेष मिठाई)
  • 8 जुलाई – नीलाद्री विजय (देवताओं का मूल इष्टस्थान में वापसी)

इस दौरान तीन रथ – नन्दीघोश (जगन्नाथ), तलध्वज (बालभद्र) और दर्पदलाना (सुभद्रा) – लगभग 45 फीट ऊँचे होते हैं और थियथियों द्वारा हाथ से खींचे जाते हैं।

आरबीआई की बैंक छुट्टी घोषणा

रिज़र्व बैंक की आधिकारिक नोटिस के अनुसार, ओडिशा और मणिपुर में 27 जून को रथ यात्रा के तहत Negotiable Instruments Act के तहत छुट्टी दी जाएगी। इस फैसले का कारण यह था कि दोनों राज्यों में लोग उत्सव में पूरी तरह से जुटे हुए हैं, और बैंक शाखाओं का बंद रहना सामाजिक व्यवधान को रोकता है।

आरबीआई ने यह भी कहा कि 28 जून (चौथा शनिवार) को "फोरथ सैटरडेज़" के नाम से सभी भारत में बैंक बंद रहेंगे, और 29 जून को साप्ताहिक अवकाश के कारण भी सभी शाखाएँ बंद रहेंगी। मिज़ोरम में 30 जून को "Remna Ni" के कारण लागू होने वाली छुट्टी को भी आधिकारिक रूप से मान्यता मिली है।

एक आरबीआई प्रवक्ता ने कहा, "यह निर्णय धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, साथ ही ग्राहकों को पहले से तैयार रहने का संकेत दिया गया है।"

बैंकिंग सेवाओं पर प्रभाव और डिजिटल विकल्प

बैंकिंग सेवाओं पर प्रभाव और डिजिटल विकल्प

छुट्टी के दौरान भौतिक शाखा सेवाएँ जैसे चेक जमा, ड्राफ्ट बनाना या नए खाते का खुलना संभव नहीं रहेगा। हालांकि, डिजिटल चैनल – नेटबैंकिंग, मोबाइल एप्स, यूपीआई, वॉलेट्स और एटीएम – पूरी तरह से कार्यशील रहेंगे। यह बात इकोनॉमिक टाइम्स ने पुष्टि की है।

विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में कई ग्राहक एटीएम के माध्यम से नकद निकासी कर सकते हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में मोबाइल ऐप से ट्रांसफ़र या बिल भुगतान में कोई रुकावट नहीं होगी। डिजिटल बैंकिंग की ये सहूलतें विशेष रूप से व्यापारियों और छोटे उद्यमियों के लिए बड़ी राहत बनेंगी, क्योंकि वे अपने लेन‑देन को बिना किसी देरी के निपटा सकते हैं।

एक प्रादेशिक शेड्यूल के अनुसार, कई निजी बैंकों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे 25 जून तक बड़े लेन‑देन या चे़क जमा कर लें, ताकि छुट्टी के बाद किसी भी व्यावहारिक समस्या से बचा जा सके।

धार्मिक महत्ता और सामाजिक पहलू

रथ यात्रा को केवल एक धार्मिक परेड नहीं माना जाता; यह सामाजिक समानता और एकता का प्रतीक भी है। गजपति महाराजा, पुड़ी के राजा, रथ के मंच को स्वर्ण झाड़ू से साफ़ करते हैं – इसे "चेरा पहारा" कहा जाता है। यह संकेत देता है कि भगवान के सामने सभी बराबर हैं, चाहे उनका सामाजिक दर्जा कोई भी हो।

इस वर्ष के रथ पूरे भारत में नहीं, बल्कि यूएस के कई शहरों में भी जश्न मनाए जाएंगे। उदाहरण के लिए, कोलोराडो के सेंटरल में स्थित हिंदू मंदिर में 27 जून को स्थानीय समुदाय ने समारोह आयोजित किया, जबकि फ़्रेमोंट, कैलिफ़ोर्निया में 28 जून को रथ यात्रा का विशेष आयोजन हुआ। इन कार्यक्रमों से पता चलता है कि भारतीय सांस्कृतिक धरोहर विदेशियों में भी कितनी गहरी जड़ें जमा चुकी हैं।

स्थानीय भाषा में कहा जाता है – "भाई, रथ चलाने में सबको समान हाथ है" – और यही भावना इस त्योहारी माहौल को और भी रंगीन बनाती है।

भविष्य की संभावनाएँ और तैयारियां

भविष्य की संभावनाएँ और तैयारियां

आगामी वर्षों में रथ यात्रा के साथ जुड़े सार्वजनिक सुविधाओं, ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा उपायों में भी सुधार की उम्मीद है। ओडिशा पर्यटन विभाग ने कहा है कि 2025 के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिसमें रथ यात्रा के लाइव प्रसारण, पूजा‑समय और भीड़‑प्रबंधन की जानकारी उपलब्ध होगी।

वहीं, डिजिटल बैंकिंग के संदर्भ में, आरबीआई ने आगामी वित्तीय वर्ष में "फ्लेक्सी‑हॉलिडे" मॉडल की संभावनाओं पर चर्चा शुरू कर दी है, जिससे भविष्य में ऐसे बड़े धार्मिक‑सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान बैंकिंग प्रतिबंधों को न्यूनतम किया जा सके।

इस बीच, आम जनता को सुझाव दिया गया है कि वे डिजिटल पेमेंट के माध्यम से अपनी रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी करें और यथासंभव नकद लेन‑देन से बचें, ताकि छुट्टी के दौरान कोई असुविधा न हो।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रथ यात्रा के कारण 27 जून को ओडिशा में बैंक बंद क्यों हैं?

ओडिशा में रथ यात्रा का सामाजिक‑धार्मिक महत्व बहुत बड़ा है। इसलिए रिज़र्व बैंक ने Negotiable Instruments Act के तहत इस दिन को विशेष छुट्टी घोषित किया, जिससे लोगों को बिना किसी बाधा के उत्सव में भाग लेने का अवसर मिले।

छुट्टी के दौरान डिजिटल बैंकिंग सेवाएँ कैसे काम करेंगी?

नेटबैंकिंग, मोबाइल ऐप, यूपीआई और वॉलेट्स पूरी तरह से चालू रहेंगे। इसलिए आप बिल भुगतान, धन‑स्थानांतरण या खाते‑बैलेंस जाँच जैसी सभी कार्य बिना किसी रुकावट के कर सकते हैं।

क्या 28‑29 जून को पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे?

हां, 28 जून (चौथा शनिवार) को राष्ट्रीय स्तर पर बैंक बंद रहेगा, और 29 जून (रविवार) को साप्ताहिक अवकाश के कारण भी सभी शाखाएँ बंद रहेंगी। यह जानकारी आरबीआई ने आधिकारिक तौर पर जारी की है।

मिज़ोरम में 30 जून को "Remna Ni" क्या है?

"Remna Ni" मिज़ोरम का पारम्परिक त्योहार है, जिसे इस वर्ष 30 जून को मनाया जाएगा। इस दिन स्थानीय बैंक भी आरबीआई की सूचनानुसार बंद रहेंगे।

रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जाती है?

पुड़ी पुलिस ने विशेष रूप से रथ मार्ग पर सस्ते और भारी भरकम सुरक्षा बल तैनात किए हैं। साथ ही, एअर-ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी भीड़‑नियंत्रण किया जाता है, जिससे किसी भी आपातस्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।

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9 टिप्पणि

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    Jay Fuentes

    अक्तूबर 14, 2025 AT 00:03

    वाह! रथ यात्रा के कारण पूरे भारत में बैंक बंद, पर डिजिटल विकल्प अभी भी जलवा दिखा रहे हैं। बहुतेरे लोग पहले से ही अपने ट्रांसफ़र और बिल पेमेंट प्लान कर रहे हैं, ये देखकर अच्छा लगता है!

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    Veda t

    अक्तूबर 24, 2025 AT 10:36

    देश की असली शक्ति तो रथ यात्रा में है, बैंक बंद कर के क्या फायदा?

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    akash shaikh

    नवंबर 3, 2025 AT 20:26

    हाहा, तुम्हें लगता है रथ का रथ-नियंत्रण RBI को भी रोक नहीं सकता? थोड़ा टॉडो ले लो, भई।

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    Anil Puri

    नवंबर 14, 2025 AT 07:16

    सच कहूँ तो यह सब 'फॉरथ सैटरडेज़' का ढोंग है, असल में बैंकों को रेस्ट चाहिए। लेकिन जनता को डिजिटल पेमेंट के लिए तैयार करना भी जरूरी है, नहीं तो रथ पर सवारी भी रुक जाएगी।
    हर साल ऐसे बड़े इवेंट होते हैं, पर RBI के फैसले सदा समझ से परे लगते हैं।

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    poornima khot

    नवंबर 24, 2025 AT 18:06

    भाई, तुम्हारी बात में एक सच्चाई है, पर याद रखो कि रथ यात्रा का सामाजिक महत्व भी कम नहीं है।
    डिजिटल लेन‑देन को अपनाना आज की जरूरत है, यही असली विकास की राह है।
    फिर भी, बैंक बंद होने से छोटे व्यापारी कठिनाइयों में पड़ सकते हैं, इसलिए पहले से योजना बनाना ज़रूरी।
    आशा करता हूँ सभी को इस अवसर का पूरा लाभ मिले।
    धन्यवाद।

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    Mukesh Yadav

    दिसंबर 5, 2025 AT 04:56

    सुना है कि इस रथ यात्रा की छुट्टी के पीछे बड़े कू‑ए‑फैन्सी प्लान हैं, शायद RBI को कुछ छुपाने की जरूरत थी। लेकिन असल में लोग तो बढ़िया से मस्ती कर रहे हैं, और हम सबको इसे सपोर्ट करना चाहिए।

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    One You tea

    दिसंबर 15, 2025 AT 15:46

    दिलचस्प सिद्धांत है, लेकिन इतिहास ने दिखाया है कि ऐसे बड़े ईवेंट के दौरान जनता के हित को सबसे ऊपर रखा जाता है।

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    Hemakul Pioneers

    दिसंबर 26, 2025 AT 02:36

    रथ यात्रा के दौरान सामाजिक एकता देख कर दिल खुश हो जाता है, और डिजिटल बैंकिंग की उपलब्धता इसे और आसान बनाती है।

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    Shivam Pandit

    जनवरी 5, 2026 AT 13:26

    बिल्कुल सही कहा आप ने!!! डिजिटल इनिशिएटिव से न सिर्फ लेन‑देन आसान होते हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक सक्रियता बढ़ती है!!!

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