अगर आप डॉक्टर हैं या अस्पताल चलाते हैं तो मेडिकल पंजीकरण आपके काम का बेसिक हिस्सा है। बिना सही रजिस्ट्रेशन के लाइसेंस नहीं मिलेगा, और रोगी भी भरोसा नहीं करेंगे। इस लेख में हम बताएंगे कि पंजीकरण कैसे होता है और किन चीज़ों का ध्यान रखना चाहिए।
सबसे पहले आप अपने मेडिकल काउंसिल की वेबसाइट पर जाना होगा। वहाँ ‘रजिस्ट्रेशन’ या ‘लाइसेंस अप्लिकेशन’ वाला सेक्शन मिलेगा। फॉर्म भरते समय अपना ग्रेजुएशन सर्टिफ़िकेट, इंटर्नशिप प्रूफ़ और फोटो अपलोड करें। एक बार सबकुछ ठीक रहा तो फीस का भुगतान ऑनलाइन कर दें। कुछ काउंसिल्स में फिजिकल डॉक्यूमेंट भी भेजना पड़ता है, इसलिए पहले से पता करके रख लें कि क्या चाहिए।
फॉर्म जमा करने के बाद आपका केस रिव्यू किया जाता है। अगर कोई कमी नहीं पाई गई तो आपको लाइसेंस मिल जाएगा और एक आधिकारिक प्रूफ़ कार्ड मिलेगा। इस कार्ड को हमेशा साथ रखें, क्योंकि अस्पताल या क्लिनिक में काम करते समय अक्सर दिखाना पड़ता है।
जब डॉक्टर पंजीकृत होते हैं तो उनके पास वैध प्रैक्टिस लाइसेंस रहता है। इसका मतलब है कि रोगी भरोसे से इलाज ले सकते हैं और बीमा कंपनियां भी क्लेम प्रोसेस कर सकती हैं। कई बार अस्पताल या हेल्थ केयर सेंटर खुद ही अपने स्टाफ को पंजीकृत करवाते हैं, इसलिए आपको अलग से कुछ करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
यदि आप किसी छोटे टाउन में डॉक्टर खोज रहे हैं तो उनके लाइसेंस नंबर को ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। कई राज्य मेडिकल काउंसिल्स पर सार्वजनिक डेटाबेस उपलब्ध है जहाँ आप नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर सत्यापन कर सकते हैं। इससे धोखाधड़ी से बचाव होता है और सही इलाज मिलना आसान हो जाता है।
कभी‑कभी नए डॉक्टरों को पंजीकरण में देर हो जाती है, इसलिए क्लिनिक में आने से पहले उनसे लाइसेंस की कॉपी माँग लेना अच्छा रहता है। अगर आप अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेटर हैं तो हर साल स्टाफ का रिव्यू करवा कर अपडेटेड लाइसेंस रखें, इससे ऑडिट पास करना आसान होता है।
संक्षेप में मेडिकल पंजीकरण एक सुरक्षा जाल की तरह काम करता है – डॉक्टरों के लिये भरोसेमंद पहचान और रोगियों के लिये सुरक्षित उपचार. सही प्रक्रिया अपनाएँ, ऑनलाइन फॉर्म भरें, फीस जमा करें और लाइसेंस प्राप्त करने के बाद इसे हमेशा अपडेट रखें।
अब आप या तो अपना पंजीकरण कर रहे हैं या किसी को ढूँढने की कोशिश में हैं, इस गाइड से कदम‑दर‑कदम जानकारी मिलनी चाहिए. अगर कोई दिक्कत आती है तो सीधे अपने राज्य मेडिकल काउंसिल से संपर्क करें; वे आपको जल्दी मदद करेंगे.
अगस्त 15, 2024
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) आज से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) अंडरग्रेजुएट काउंसलिंग 2024 शुरू कर रही है। पहला राउंड 14 अगस्त से 20 अगस्त तक चलेगा। उम्मीदवारों को mcc.nic.in पर जाकर पंजीकरण करना होगा। संस्थानों में रिपोर्टिंग 24 से 29 अगस्त के बीच करनी होगी।
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