मोहम्मद बिन सलमान – सऊदी अरब की नई दिशा

अगर आप सऊदी अरब के हालिया बदलावों पर नज़र डालें तो मोहम्मद बिन सलमन का नाम सबसे पहले सामने आएगा। वह 2017 में वंशज बन कर सत्ता संभाले और तब से कई बड़े फैसले लिये – चाहे आर्थिक सुधार हों या कूटनीति. इस लेख में हम उनके मुख्य कदम, विज़न 2030 और भारत‑सऊदी संबंधों को आसान शब्दों में देखेंगे.

विज़न 2030 और आर्थिक बदलाव

विज़न 2030 का मकसद तेल पर बहुत अधिक निर्भरता कम करना था। मोहम्मद बिन सलमन ने नई नीतियां बनायीं – पर्यटन को बढ़ावा, निजी कंपनियों को निवेश करने के लिए आसान नियम, और महिलाओं को कामकाज में लाने की पहल. इन बदलावों से रोज़गार के नए मौके पैदा हुए और युवा वर्ग को बेहतर भविष्य का भरोसा मिला।

सऊदी ने बड़ी फ़िज़िकल प्रोजेक्ट्स शुरू किये जैसे ‘नियाधर’ (NEOM) – एक हाई‑टेक शहर जो 2025 में पूरा होना तय है. इस तरह के प्रोजेक्ट्स से अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की रुचि भी बढ़ी और सऊदी बाज़ार में नई ऊर्जा आई.

विदेशी नीति और भारत के साथ संबंध

मोहम्मद बिन सलमन ने विदेश में भी सक्रिय रोल निभाया। उन्होंने मध्य‑पूर्व में स्थिरता लाने की कोशिशें कीं, रूस‑यूक्रेन संकट में मध्यम भूमिका रखी और पश्चिमी देशों से नई व्यापारिक समझौते किए. भारत के साथ उनका रिश्ता खासा गर्म है – तेल डील्स, निवेश, और सुरक्षा सहयोग ने दोनों देशों को एक-दूसरे के करीब ला दिया.

भारत के कई बड़े कंपनियों ने सऊदी में प्रोजेक्ट्स लिये, जैसे रिफाइन्ड तेल प्लांट और वैकल्पिक ऊर्जा. इनसे न सिर्फ आर्थिक लाभ मिला बल्कि रोजगार भी पैदा हुआ. मोहम्मद बिन सलमन की नीति का मुख्य लक्ष्य दो‑तरफ़ा सहयोग को मजबूत करना है.

सऊदी में सामाजिक बदलाव भी नजर आ रहे हैं। महिलाओं ने अब ड्राइविंग लीगल कर ली और सरकारी नौकरियों में उनकी संख्या बढ़ रही है. यह सब मोहम्मद बिन सलमन के ‘आधुनिकीकरण’ एजेंडा का हिस्सा है, जिससे देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिली.

हालांकि सभी निर्णय बिना विवाद के नहीं रहे। कुछ आर्थिक कदमों ने अल्पसंख्यकों और पारंपरिक वर्गों में असहजता पैदा की. फिर भी मोहम्मद बिन सलमन इन चुनौतियों से सीखते हुए आगे बढ़ रहे हैं, क्योंकि उनका लक्ष्य सऊदी को ‘भविष्य‑तैयार’ बनाना है.

आगे देखते हुए कहा जा सकता है कि विज़न 2030 के तहत अभी भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स बचे हैं – जैसे हवाई अड्डे का विस्तार और डिजिटल इकोसिस्टम की स्थापना. यदि ये योजनाएं सफल रही तो सऊदी अरब न केवल तेल निर्यात पर निर्भर रहेगा बल्कि वैश्विक तकनीकी, पर्यटन और वित्तीय केंद्र बन सकता है.

संक्षेप में, मोहम्मद बिन सलमन ने सऊदी को एक नई दिशा दी है. उनके आर्थिक सुधार, सामाजिक परिवर्तन और कूटनीतिक कदम भारत सहित कई देशों के लिए नए अवसर लेकर आए हैं. अगर आप इस बदलावों को करीब से देखना चाहते हैं तो ट्रायली समाचार (trilogylab.in) पर अपडेटेड लेख पढ़ते रहें.

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सऊदी राजा के स्वास्थ्य को लेकर चिंताओं के बीच जापान यात्रा टाली
Ranjit Sapre

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सऊदी राजा के स्वास्थ्य को लेकर चिंताओं के बीच जापान यात्रा टाली

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सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सऊदी राजा के स्वास्थ्य को लेकर चिंताओं के बीच जापान यात्रा टाली

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अपने पिता राजा सलमान बिन अब्दुलअजीज के स्वास्थ्य को लेकर चिंताओं के कारण जापान की अपनी निर्धारित चार दिवसीय यात्रा टाल दी है। यह यात्रा सोमवार से शुरू होने वाली थी और 2019 के बाद मोहम्मद बिन सलमान की जापान की पहली यात्रा होती।

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