पिछले कुछ हफ्तों में नेपाल की पहाड़ी क्षेत्र में दो-तीन विमान दुर्घटनाएं हुईं। हर बार खबर सुनते ही दिल थरथरा जाता है, खासकर जब यात्रियों की जान खतरे में हो. इस लेख में हम उन घटनाओं के मुख्य बिंदु, कारण और सरकार व एयरलाइन द्वारा उठाए गए कदमों को आसान भाषा में बताएंगे.
सबसे हालिया रिपोर्ट बताती है कि एक छोटे आकार का प्राइवेट जेट काठमांडू से पोखरा के रास्ते पहाड़ी क्षेत्र में टकरा गया। पायलट ने मौसम संबंधी चेतावनियों को नजरअंदाज़ किया और घनी धुंध में नीचे नहीं उतरा। परिणामस्वरूप विमान का दाहिना पंख टूट कर गिर गया, जिसमें 7 लोगों में से 4 की जान गई.
दूसरी दुर्घटना एक कमर्शियल फ्लीट का था जो लुम्बिनी से काठमांडू जा रहा था। इंट्रासाउंड सिस्टम ने बताया कि इंजन में तकनीकी खराबी थी, पर पायलट ने उसे ठीक करने की जगह लैंडिंग साइट बदल दी. यह निर्णय भी गलत साबित हुआ और विमान को पहाड़ी इलाके में टकराना पड़ा.
इन दोनों मामलों में जांच एजेंसियों ने कहा है कि मौसम, तकनीकी फेल्योर और मानवीय भूल तीनों का मिश्रण था. यही कारण अक्सर हवाई यात्रा को जोखिम भरा बनाता है, खासकर ऊँचाई वाले क्षेत्रों में जहाँ हवा तेज़ होती है.
सरकार ने तुरंत कई नई नीतियां लागू करने का वादा किया है. सबसे पहला काम है सभी एयरलाइन को उन्नत मौसम पूर्वानुमान उपकरण लगवाना, ताकि पायलट को सटीक जानकारी मिल सके. साथ ही हवाई अड्डों पर टर्ब्यूलेंस अलार्म सिस्टम भी अपडेट किया जाएगा.
एयरलाइन्स को अब हर 6 महीने में अपने विमान के इंजन और नेविगेशन सिस्टम की पूरी जांच करवानी पड़ेगी. यह नियम पहले से अधिक कड़ा है, लेकिन दुर्घटनाओं को रोकने में मददगार साबित होगा.
यदि आप नेपाल यात्रा की योजना बना रहे हैं तो कुछ आसान टिप्स याद रखें: उड़ान से पहले मौसम रिपोर्ट देखिए, अगर धुंध या बवंडर का खतरा हो तो वैकल्पिक फ्लाइट चुनें. बोर्डिंग के समय पायलट और क्रू को सुरक्षा निर्देश सुनने में ध्यान दें, क्योंकि वे अक्सर स्थानीय स्थितियों के बारे में अपडेट देते हैं.
अंत में यही कहूँगा कि हवाई यात्रा अभी भी सबसे तेज़ और सुरक्षित माध्यम है, पर सावधानी से ही हम जोखिम कम कर सकते हैं. नई नीतियां लागू होंगी, जांचें चल रही हैं – आशा है जल्द ही नेपाल की आसमान साफ़ होगी.
जुलाई 24, 2024
24 जुलाई, 2024 को काठमांडू के हवाई अड्डे से उड़ान भरते समय सौर्य एयरलाइन्स का एक घरेलू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें 19 लोग सवार थे जिनमें से 18 लोगों की मौत हो गई। विमान पोखरा की ओर जा रहा था जब यह रनवे से फिसल कर हादसे का शिकार हुआ। घायल पायलट को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हवाई अड्डे पर सेवाएं अस्थायी रूप से रोकी गई थीं।
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