जब हम क्रिकेट की बात करते हैं तो अक्सर टेस्ट और टी20 याद आते हैं, लेकिन सबसे बड़ा मोड़ था पहला One Day International यानी ODI. यह मैच 5 जनवरी 1971 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मेलबोर्न में खेला गया था। सिर्फ 40 ओवर प्रति टीम, दिन की सीमित अवधि और तेज़ी से चलने वाला फ़ॉर्मेट इसको अलग बनाता है.
1970 के दशक में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के साथ एक टेस्ट मैच रद्द कर दिया था. दर्शकों को निराश न करने के लिये दो टीमों ने एक दिन का खेल प्रस्तावित किया. इस प्रयोग ने बहुत धूम मचाई और जल्दी ही दुनिया भर में फॉर्मेट फैल गया.
भारतीय टीम ने अपना पहला वनडे 13 जुलाई 1981 को इंग्लैंड के खिलाफ हेड़िंगली, लीड्स में खेला. उस दिन भारत का स्कोर 197 रन था और इंग्लैंड 173 पर हार गया. यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक मील का पत्थर थी क्योंकि इससे देश ने तेज़ी से बदलते खेल की दिशा को समझा.
पहले ODI के बाद कई बदलाव आए – बल्लेबाज़ी में आक्रमकता बढ़ी, बॉलिंग में वैरायटी आई और दर्शकों का उत्साह भी दोगुना हुआ. आज हम हर साल ICC द्वारा निर्धारित विभिन्न टूर्नामेंट देखते हैं, लेकिन मूल भावना वही है: एक दिन में जितना संभव हो उतना रोमांच।
यदि आप ODI के शुरुआती दौर की कहानियों को और गहराई से जानना चाहते हैं तो कुछ यादगार पलों पर नजर डालें. 1975 का पहला विश्व कप, जिसमें पश्चिमी इंडियाज़ ने इंग्लैंड को हराया था, या फिर 1992 में पाकिस्तान की ऐतिहासिक जीत – ये सभी घटनाएँ ODI के विकास को दर्शाती हैं.
आज के खिलाड़ियों को भी पहले वाले दिनों से प्रेरणा मिलती है. बॉब सिम्पसन जैसे कोचों ने फॉर्मेट को नया आकार दिया, जबकि लियोनेल मेसी और अन्य खेल सितारे विभिन्न खेलों में समान त्वरित फ़ॉर्मेट का उपयोग कर रहे हैं.
समझिए कि पहला ODI सिर्फ एक मैच नहीं था; यह क्रिकेट की सोच बदलने वाला प्रयोग था. अगर आप इस फॉर्मेट को अभी भी नई आँखों से देखेंगे, तो आपको हर ओवर में नया उत्साह महसूस होगा. यही कारण है कि "पहला ODI" टैग पर मिलने वाले लेख पढ़कर आप न केवल इतिहास बल्कि आज के खेल की जड़ों को भी समझ पाएँगे.
तो अगली बार जब आप कोई वनडे मैच देखेंगे, तो याद रखें – यह सब 1971 में शुरू हुआ था और तब से हर दिन ये फ़ॉर्मेट हमें रोमांचित करता आ रहा है.
अगस्त 2, 2024
2 अगस्त, 2024 को श्रीलंका और भारत के बीच पहला ODI मुकाबला खेला गया। इस मैच में रोहित शर्मा, विराट कोहली और श्रीलंका के असलांका की शानदार प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा। श्रीलंकाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 270 रन बनाए और भारत की टीम ने एक मजबूत प्रदर्शन करते हुए इस लक्ष्य को आसानी से हासिल किया।
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