अगर शादी नहीं चल रही और दोनों अलग राह चुनना चाहते हैं, तो तलाक एक कानूनी विकल्प बनता है। भारत में तलाक के कई तरीके होते हैं – साधारण कारण (जैसे शारीरिक या मानसिक दुर्व्यवहार) से लेकर बिना‑कारण (नो‑फॉल्ट) तक। कोर्ट में फ़ाइल दायर करने से पहले समझना ज़रूरी है कि कौन‑सी वजह आपके केस के लिए सही रहेगी।
सबसे आम कारणों में क्रूरता, भरोसे का टूटना, परस्पर असहायता या अलग रहने की इच्छा शामिल हैं। यदि आप बिना‑कारण तलाक चाहते हैं तो दोनों पक्षों को सहमति देनी होगी और कम से कम दो साल अलग‑अलग रहना पड़ेगा। कोर्ट में दायर करने के बाद एक नोटिस दूसरे पति‑पत्नी को भेजा जाता है, फिर सुनवाई निर्धारित होती है। अक्सर पहले ही सत्र में समझौता हो जाता है, जिससे लंबी लड़ाई बचती है।
सुनवाई में जज पूछते हैं कि क्या reconciliation (समाधान) संभव है या नहीं। अगर दोनों ने मिलकर समझौता कर लिया तो कोर्ट सिर्फ़ कागज़ पर दस्तावेज़ बनाता है और तलाक मान्य हो जाता है। यदि कोई एक पक्ष रद्दी करता है, तो केस आगे बढ़ता है और जज सबूतों के आधार पर फैसला देता है।
तलाक के साथ अक्सर बच्चों का सवाल रहता है। कोर्ट सबसे पहले बच्चे के हित को देखता है – कौन‑से माता-पिता उसे बेहतर देखभाल दे सकते हैं, स्कूल, स्वास्थ्य आदि की व्यवस्था कैसे होगी। अगर दोनों में सहमति नहीं होती तो जज अभिरक्षा (कस्टडी) तय करता है और मिलने‑जुलने का समय निर्धारित करता है।
संपत्ति बँटवारे में शादी के दौरान बनी हर चीज़ – घर, गाड़ी, बचत, निवेश – को बराबर बाँटा जाता है, जब तक कि प्री‑मैरेज एग्रीमेंट न हो। अलिमनी (भरण-पोषण) भी तय किया जा सकता है, खासकर अगर आर्थिक स्थिति में बड़ा अंतर हो। कई बार दोनों पक्ष समझौता कर लेते हैं ताकि कोर्ट की लंबी प्रक्रिया से बचा जा सके।
तलाक के बाद भी आप अपने जीवन को फिर से स्थापित कर सकते हैं। नई नौकरी, कौशल प्रशिक्षण या साइड बिज़नेस शुरू करना मददगार साबित हो सकता है। कई NGOs और सरकारी योजनाएँ महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने में सहयोग देती हैं।
अंत में याद रखें कि तलाक एक सामाजिक बदलाव नहीं बल्कि कानूनी अधिकार है। सही कारण, सही दस्तावेज़ और समझौते की कोशिश से प्रक्रिया तेज़ होती है और दोनों पक्षों का भविष्य सुरक्षित रहता है। यदि आप या आपका कोई परिचित इस कदम पर विचार कर रहा है तो पहले अनुभवी वकील से सलाह लेना सबसे बेहतर रहेगा।
जुलाई 19, 2024
भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पांड्या और उनकी पत्नी नताशा स्टैंकोविक ने चार साल की शादी के बाद तलाक का ऐलान किया है। उनकी हाई-प्रोफाइल रोमांस 2020 में शादी के साथ शुरू हुई थी। उनके तलाक की खबर हार्दिक ने इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से दी। हालांकि, उनके अलगाव का असली कारण अब तक स्पष्ट नहीं है।
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