वलयाकार सूर्यग्रहण क्या है? आसान समझ और उपयोगी जानकारी

अगर आप कभी आकाश में अजीब सा सुनहरा वलय देखे हैं, तो वही वलयाकार सूर्यग्रहण हो सकता है। इसे अक्सर “एनीलिंग” कहते हैं क्योंकि सूरज के चारों ओर एक चमकीला रिंग बन जाता है। ये घटना तब आती है जब चंद्रमा पूरी तरह से सूरज को ढँक नहीं पाता, लेकिन इतना करीब आता है कि उसका किनारा सिर्फ सूर्य की सीमा पर टिका रहता है।

वलयाकार सूर्यग्रहण कब होता है?

वास्तव में यह बहुत दुर्लभ होता है। चंद्रमा के कक्षा का आकार थोड़ा बदलता रहता है – कभी वह पृथ्वी से दूर होता है, तो उसका दृश्य आयाम छोटा हो जाता है और सूरज को पूरी तरह ढँक देता है (पूरा ग्रहण)। जब वह करीब आता है, उसकी छाया थोड़ी छोटी रहती है और सूर्य की रेज़ी में एक उजाला वलय बचता है। इस वजह से हर 18 साल में कुछ जगहों पर ही यह दिखता है। भारत में अगला वलयाकार सूर्यग्रहण 2026 के दिसंबर में होगा, लेकिन देखे जाने वाले हिस्से राज्य‑दर-राज्य बदलेंगे।

सुरक्षित रूप से ग्रहण कैसे देखें?

धूप में सीधे सूरज को देखना कभी भी सुरक्षित नहीं होता – आँखें जल्दी नुकसान पहुंचा सकती हैं। सबसे आसान तरीका है सोलर फिल्टर वाले चश्मे या खास तैयार किए गए सूर्यग्रहण के ग्लासेज़ का उपयोग करना। अगर आपके पास ये नहीं है, तो आप एक छोटी छेद वाली कागज़ की प्लेट (पिनहोल प्रोजेक्टर) बना सकते हैं और उस पर बन रहे वलय को दीवार पर देखें। याद रखें, कोई भी साधारण sunglasses काम नहीं करेंगे।

ग्रहण के समय मौसम का ध्यान रखना भी जरूरी है। साफ़ आकाश में ही आप पूरा दृश्य देख पाएँगे। अगर बादल या धुंध है तो सिर्फ भाग्य से थोड़ा सा हिस्सा दिख सकता है। इसलिए स्थानीय मौसम रिपोर्ट को पहले चेक कर लें।

जब सूर्यग्रहण शुरू हो, तो कुछ मिनटों के लिए छाया में अजीब‑अजीब बदलाव देख सकते हैं – पेड़ की पत्तियों पर छोटे‑छोटे प्रकाश‑धूप के गोलाकार पैटर्न बनते हैं। इसे “फ्रैन्कलिंग” कहते हैं और यह दर्शाता है कि सूर्य की रोशनी अभी भी किनारे से निकल रही है। इस समय फोन या कैमरे से फोटो लेना सुरक्षित नहीं होता, क्योंकि लेंस भी आँखों जैसा ही नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आप फोटो लेना चाहते हैं तो विशेष सोलर फ़िल्टर वाले लेंस का इस्तेमाल करें।

ग्रहण के बाद सूर्य फिर सामान्य रूप में लौट आता है और आपका दिन जारी रहता है। लेकिन कुछ लोग इसे एक आध्यात्मिक या वैज्ञानिक अनुभव मानते हैं – यह देखना खुद में ही एक बड़ी बात है कि हम अपने ब्रह्माण्ड की छोटी‑सी गहराई को समझ पाएँ।

तो अगली बार जब आप वलयाकार सूर्यग्रहण के बारे में सुनें, तो तैयारी कर लें: सही समय पता करें, सुरक्षित चश्मा रखें और साफ़ आसमान का इंतज़ार करें। ये सरल कदम आपको एक शानदार दृश्य अनुभव देंगे, बिना आँखों को नुकसान पहुँचाए।

2024 का वलयाकार सूर्यग्रहण: विवरण और दृश्यता की जानकारी
Ranjit Sapre

2024 का वलयाकार सूर्यग्रहण: विवरण और दृश्यता की जानकारी

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2024 का वलयाकार सूर्यग्रहण: विवरण और दृश्यता की जानकारी

2024 का वलयाकार सूर्यग्रहण 2 अक्टूबर से 3 अक्टूबर के बीच घटित होगा। यह भारत में रात के समय होने के कारण दृश्य नहीं होगा। जबकि दक्षिण अमेरिका में लोग इसे देख सकेंगे। चाँद के धरती और सूरज के बीच आने पर किनारे पर सूर्य की रिंग जैसी आकृति बनती है। अगला सूर्यग्रहण 2026 में होगा।

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