आईटि कर जांछ - क्या चाहिए आपको?

अगर आप सरकारी टेक्निकल नौकरी चाहते हैं तो आईटि कर जांछ आपका पहला कदम है. इस परीक्षा को समझना और सही तरीका अपनाना बहुत जरूरी है. यहाँ हम बताएँगे कि कौन से विषय आते हैं, पैटर्न कैसा है और कैसे तैयार हों.

मुख्य परीक्षा पैटर्न

आईटि कर जांछ में दो भाग होते हैं – लिखित टेस्ट और इंटरव्यू. लिखित में कुल 150 सवाल होते हैं, हर सेक्शन के लिए अलग मार्किंग स्कीम है. गणित, अंग्रेज़ी और सामान्य ज्ञान प्रमुख हैं. टाइम लिमिट 180 मिनट है, इसलिए समय प्रबंधन पहले से तय कर लें.

हर प्रश्न का वजन समान नहीं होता. अक्सर बुनियादी अवधारणा वाले सवाल कम अंक के होते हैं जबकि अनुप्रयोग आधारित सवाल ज्यादा अंक देते हैं. इस बात को ध्यान में रखकर अभ्यास करें ताकि आप कम समय में अधिक अंक हासिल कर सकें.

तैयारी के आसान टिप्स

पहला कदम – सिलेबस को अच्छी तरह से पढ़ें और उन टॉपिकों की लिस्ट बनाएं जो आपके कमजोर हैं. फिर हर टॉपिक के लिए 30‑40 मिनट का रोज़ाना टाइम सेट करें.

दूसरा, पिछले साल के प्रश्नपत्र डाउनलोड कर के हल करें. इससे पैटर्न और पूछे जाने वाले सवालों की समझ बढ़ती है. साथ ही टाइमिंग भी पता चल जाती है.

तीसरा, मॉक टेस्ट को नियमित रूप से दें. एक बार में पूरा पेपर नहीं, बल्कि सेक्शन‑वाइस प्रैक्टिस करें और फिर परिणाम देखें. गलतियों पर नोट बनाएं और वही दोहराने से बचें.

चौथा, ऑनलाइन रेसोर्स का सही उपयोग करें. मुफ्त वीडियो लेक्चर, क्विज़ ऐप और फ़ोरम में चर्चा करने से आप जल्दी अपडेट रहेंगे.

पाँचवाँ, हेल्दी लिविंग भी मदद करती है. नींद पूरा लें, हल्का व्यायाम करें और पढ़ाई के बीच छोटे‑छोटे ब्रेक रखें. इससे दिमाग ताजा रहता है और याददाश्त बेहतर होती है.

अंत में, इंटरव्यू की तैयारी को नहीं भूलें. सामान्य प्रश्नों का उत्तर कैसे देंगे, यह प्रैक्टिस करें. अपने रिज़्यूमे को अपडेट रखें और आत्मविश्वास बनाएँ.

इन आसान कदमों को फॉलो करके आप आईटि कर जांछ में अच्छी स्कोरिंग की संभावना बढ़ा सकते हैं. याद रखिए, निरंतरता ही सफलता की कुंजी है.

भारत की आईटी क्षेत्र में बड़ा कर अभियान: इन्फोसिस के बाद अन्य कंपनियों पर भी गिरेगी गाज
Ranjit Sapre

भारत की आईटी क्षेत्र में बड़ा कर अभियान: इन्फोसिस के बाद अन्य कंपनियों पर भी गिरेगी गाज

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भारत की आईटी क्षेत्र में बड़ा कर अभियान: इन्फोसिस के बाद अन्य कंपनियों पर भी गिरेगी गाज

भारतीय कर प्राधिकरण द्वारा इन्फोसिस को ₹32,000 करोड़ के कर नोटिस देने के बाद, अन्य प्रमुख आईटी सेवाओं कंपनियों को भी नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। यह मामला आईटी क्षेत्र में कर चोरी के आरोपों की व्यापक जांच का हिस्सा है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े नोटिस के बाद, अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों के खिलाफ भी ऐसी कार्रवाई हो सकती है।

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