हर साल वसंत के महीने में जब चंद्रमा पूर्ण हो जाता है, तो बौद्ध समुदाय Buddha Purnima मनाता है। इस दिन गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञानोदय (बोधि) और परिनिर्वाण सभी एक साथ माना जाता है। इसलिए इसे अक्सर ‘तीन मोक्ष दिवस’ कहा जाता है। भारत में यह तिथि मई‑जून के बीच आती है, लेकिन सटीक तारीख चंद्र कैलेंडर पर निर्भर करती है।
बुद्ध मंदिरों में सुबह जल्दी धूप से पहले लोटस पद्म के आकार की फूलमाला रखी जाती है और शांति मंत्र का जाप किया जाता है। भक्त दान‑पानी, फल‑सब्ज़ी और कपड़े इत्यादि चैरिटी देते हैं। कई शहरों में बड़े पैमाने पर रिले वॉक आयोजित होते हैं—लाखों लोग एक साथ चलते हुए बुद्ध के पदचिह्नों की नकल करते हैं।
घर में भी लोग थाली में फूल, धूप और जल रखकर शांति प्रार्थना करते हैं। बच्चे अक्सर रंग‑बिरंगी पेंटिंग बनाते हैं या ‘धर्म चक्र’ बनाने की प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं। यह दिन बच्चों को नैतिक शिक्षा देने का अच्छा अवसर होता है—जैसे सहनशीलता, अहिंसा और करुणा जैसी बातें बताई जाती हैं।
बुद्ध ने सिखाया कि दुख का मूल कारण अज्ञानता है, और इसे दूर करने के लिए ध्यान (Meditation) और सही जीवनशैली जरूरी है। इसलिए इस दिन लोग अक्सर मेडिटेशन सेशन आयोजित करते हैं—ध्यान से मन को साफ़ रखने की कोशिश होती है। कई शहरों में सार्वजनिक स्थान पर योग‑मेडिटेशन क्लासेस भी चलती हैं, जिससे युवा वर्ग इसे अपनाता है।
समाज में शांति और सौहार्द्र बढ़ाने के लिए इस दिन का उपयोग किया जाता है। विभिन्न धार्मिक समूह मिलकर सामुदायिक भोजन (भोजन-सेवा) आयोजित करते हैं—यह दिखाता है कि विविधता में एकता कैसे बनती है। जब लोग साथ मिलकर दान देते हैं, तो सामाजिक असमानताएँ कम होती हैं और लोगों के बीच समझ बढ़ती है।
यदि आप पहली बार Buddha Purnima मनाने वाले हैं, तो बस एक छोटी सी लोटस पत्ता ले लें, उसे पानी में रखें और शांति मंत्र दोहराएँ। फिर घर‑परिवार या स्थानीय मंदिर में दान दें—इतना ही काफी है। याद रखिए, असली पूजा दिल की सच्ची इच्छा से होती है, ना कि बड़े-छोटे अनुष्ठानों से।
इस प्रकार Buddha Purnima न सिर्फ बौद्धों के लिए, बल्कि सभी को शांति, प्रेम और सहिष्णुता का संदेश देता है। आप भी इस खास दिन को अपनाएँ—शायद एक छोटा सा कदम आपके जीवन में बड़ी बदलाव लाए।
जून 19, 2025
मई 2025 में बैंक छुट्टियों की जानकारी जानना जरूरी है क्योंकि हर राज्य में अलग-अलग दिन बैंक बंद हो सकते हैं। देशभर में साझा छुट्टियां हैं जैसे 1 मई को मई डे और 12 मई को बुद्ध पूर्णिमा, जबकि कुछ छुट्टियां सिर्फ क्षेत्रीय हैं। हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को भी बैंक बंद रहते हैं। सही तिथि के लिए स्थानीय ब्रांच या RBI नोटिफिकेशन जरूर देखें।
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