हर्मनप्रीत कौर का नाम अब क्रिकेट फैंस के बीच तेज़ी से फैल रहा है। वो सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारत की महिलाओं में बढ़ते आत्मविश्वास की मिसाल हैं। अगर आप अभी तक उनके बारे में नहीं सुने, तो इस लेख में सब कुछ मिलेगा—जन्म, खेल में शुरुआत और WPL 2025 का उनका असर।
हर्मनप्रीत का जन्म 2001 में उत्तराखंड के एक छोटे गाँव में हुआ था। बचपन से ही वह गेंदबाज़ी की तरफ आकर्षित थीं, पर स्कूल में क्रिकेट को अपनाना आसान नहीं था। फिर भी, स्थानीय क्लब ने उन्हें मौका दिया और उन्होंने तेज़ बॉलिंग में महारत हासिल की। जल्द ही राज्य टीम का हिस्सा बन गईं और राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम बनाया।
जब WPL का पहला सीज़न आया, तो हर्मनप्रीत को एक प्रमुख टीम में चुना गया। उन्होंने न सिर्फ अपनी तेज़ बॉलिंग से कई बैट्समैन को आउट किया, बल्कि फील्ड पर भी सक्रिय रहे। उनका औसत 23.5 और स्ट्राइक रेट 18.2 ने उन्हें लीग की बेहतरीन गेंदबाजों में शुमार कर दिया। मैच के बाद इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि टीम का भरोसा और कोचिंग स्टाफ की मदद से वह अपना सर्वश्रेष्ठ दे पाईं।
फैंस उनके उत्साहजनक एन्गेजमेंट को भी सराहते हैं। सोशल मीडिया पर हर्मनप्रीत के पोस्ट अक्सर लाइक्स और कमेंट्स में भरपूर होते हैं, जहाँ युवा क्रिकेट खिलाड़ी उनकी टिप्स और ट्रेनिंग रूटीन पूछते हैं। उनका सरल अंदाज़ और खुले दिल से बात करना उन्हें नज़रों में करीब लाता है।
आगे चलकर हर्मनप्रीत के लिए लक्ष्य बड़ा है—अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टीम इंडिया की ओर से खेलना। वर्तमान में वे भारत अंडर‑19 महिला टीम में भी शामिल हैं और जल्द ही सीनियर स्क्वाड का हिस्सा बनने की तैयारी कर रही हैं। उनके कोच का कहना है, "हर्मनप्रीत के पास टैलेंट तो है, अब उसे सही दिशा में ले जाना बाकी है।"
अगर आप उन्हें लाइव देखना चाहते हैं, तो WPL के अगले सीज़न में उनके मैच टाइम और स्टेडियम की जानकारी हमारी साइट पर मिल जाएगी। टिकट बुकिंग और प्रसारण चैनल के लिंक भी यहाँ उपलब्ध होंगे।
सारांश में, हर्मनप्रीत कौर ने अपनी मेहनत से यह साबित किया है कि छोटे शहरों की लड़कियां भी बड़े मंच पर चमक सकती हैं। उनका सफर अभी शुरू ही हुआ है—भविष्य में और भी बड़ी जीतें उनका इंतज़ार कर रही हैं।
जुलाई 22, 2024
महिला एशिया कप टी20 2024 में भारत ने यूएई को 78 रनों से हराया। हर्मनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम ने 201 रन बनाए। रिचा घोष और हर्मनप्रीत कौर की अहम पारियों ने टीम को मजबूती दी। तानुजा कंवर ने किया पदार्पण। भारतीय टीम सेमीफाइनल की ओर अग्रसर।
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