जब बात आती है नरेंद्र मोदी, भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री और बीजेपी के नेता, जिन्होंने 2014 और 2019 के चुनावों में देश को एक नई दिशा दी की, तो बस एक नाम नहीं बल्कि एक अवधारणा आती है — जिसके फैसले सड़कों से लेकर स्टेडियम तक पहुँचते हैं। उनकी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय चिंतन को बदल दिया है। ये बदलाव बस राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि क्रिकेट के मैदान तक फैल गए हैं।
उनके कार्यकाल में नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में स्थित दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम, जो भारत के खेल और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन गया है ने एक नया मानक तय किया। यहाँ हुई टेस्ट सीरीज़ में भारत ने वेस्टइंडीज को इनिंग्स से हराया, और यही मैदान उनके नेतृत्व के तहत खेल के विकास का प्रतीक बन गया। इसी तरह, BCCI, भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड, जिसका नेतृत्व उनके समय में नए नियमों और डिजिटल बदलावों के साथ बदला ने भी अपनी संरचना बदली। अध्यक्ष चुनाव, वेतन नीतियाँ, और टीम की चयन प्रक्रिया — सब कुछ उनके शासन के ढांचे के अनुरूप बदला।
नरेंद्र मोदी की नीतियाँ कभी सिर्फ राजनीति के दायरे में नहीं रहीं। वे एक गाँव की सड़क से लेकर एशिया कप के फाइनल तक का असर छोड़ती हैं। उनके नेतृत्व में भारत के खेल और राष्ट्रीय गौरव के बीच का फर्क धुंधला हो गया है। जब कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मैच जीतता है, तो लोग उसे न सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर देखते हैं, बल्कि देश के नेतृत्व की सफलता का हिस्सा मानते हैं। यही वजह है कि आप यहाँ उनके नाम से जुड़ी खबरें पाएंगे — चाहे वो बैंक छुट्टी का फैसला हो, या फिर एक टेस्ट मैच की जीत।
इस पेज पर आपको नरेंद्र मोदी के सीधे और अप्रत्यक्ष प्रभाव को दर्शाने वाली सभी ताजा खबरें मिलेंगी — जिनमें राजनीति, खेल, अर्थव्यवस्था और सामाजिक बदलाव एक साथ आते हैं। यहाँ आपको उनके फैसलों का असली असर दिखाया जाता है — बिना किसी बहाने के, बिना किसी रंग बिरंगे शब्दावली के।
27 अगस्त, 2025 को ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाकर द्विपक्षीय संबंधों को खतरे में डाल दिया। मोदी ने रणनीतिक स्वायत्तता अपनाई, जबकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यह टूटने वाला रिश्ता शायद कभी ठीक नहीं हो पाएगा।
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