फ़्रंट-रनिंग – क्या है और क्यों महत्त्वपूर्ण?

आपने अक्सर शब्द "फ़्रंट-रनिंग" सुना होगा, खासकर खेलों में. आसान भाषा में कहें तो यह वह स्थिति है जब कोई टीम या खिलाड़ी शुरुआती दौर में बहुत तेज़ी से अंक बनाता है. इससे विरोधियों पर दबाव बनता है और मैच का रुख बदल जाता है.

क्रिकेट में फ़्रंट-रनिंग अक्सर ओपनिंग बैट्समैन की तेज़ स्कोरिंग से जुड़ी होती है. अगर पहले ही 10 ओवर में 80‑90 रन हो जाएँ तो टीम को आगे बढ़ने का भरोसा मिल जाता है. यही कारण है कि कई बड़े मैचों में इस पहलू पर विशेष ध्यान दिया जाता है.

फ़्रंट-रनिंग के लोकप्रिय उदाहरण

IPL 2025 की शुरुआत में कई टीमों ने फ़्रंट‑रनिंग का दिखावा किया. लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटन्स के ओपनर्स ने शुरुआती ओवरों में ही 70‑80 रन बना कर दर्शकों को रोमांचित किया. ऐसे प्रदर्शन न केवल मैच जीतने की संभावनाओं को बढ़ाते हैं, बल्कि टूरनमेंट के स्टैण्डिंग पर भी असर डालते हैं.

एक और उदाहरण है बॉब सिम्पसन का कोचिंग काल, जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को 1987 में विश्व कप जीताने से पहले टीम की फ़्रंट‑रनिंग स्ट्रेटेजी को मजबूत किया था. उनका मानना था कि शुरुआती दो ओवरों में दबाव बनाना विरोधियों को अस्थिर कर देता है.

फ़्रंट-रनिंग का असर आपके दैनिक जीवन में

खेल से बाहर भी फ़्रंट‑रनिंग की अवधारणा काम आती है. चाहे वह बिजनेस प्रोजेक्ट हो या कोई व्यक्तिगत लक्ष्य, शुरुआती चरण में तेज़ी से परिणाम दिखाना आगे के कदमों को आसान बनाता है. इसलिए इस टैग में हम सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी फ़्रंट‑रनिंग की कहानी लाते हैं.

इस पेज पर आप विभिन्न लेख पाएँगे – मौसम अलर्ट, राजनीतिक बदलाव, आर्थिक रिपोर्ट आदि, सभी में यह देखा गया है कि शुरुआती पहल कैसे पूरे दृश्य को बदल देती है. पढ़ते रहें और समझें कि फ़्रंट‑रनिंग आपके लिए क्या मतलब रखता है.

अगर आप चाहते हैं कि आपका अगला क्रिकेट मैच या कोई प्रोजेक्ट सफलता की ओर तेज़ी से बढ़े, तो यहाँ दी गई टिप्स और केस स्टडीज़ को ज़रूर पढ़िए. सरल भाषा में समझाया गया है, इसलिए इसे आसानी से लागू कर सकते हैं.

Quant म्यूचुअल फंड ने फ्रंट-रनिंग आरोपों की SEBI जांच में सहयोग किया
Ranjit Sapre

Quant म्यूचुअल फंड ने फ्रंट-रनिंग आरोपों की SEBI जांच में सहयोग किया

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Quant म्यूचुअल फंड ने फ्रंट-रनिंग आरोपों की SEBI जांच में सहयोग किया

Quant म्यूचुअल फंड, फ्रंट-रनिंग के आरोपों का सामना कर रहा है, और SEBI के साथ सहयोग कर रहा है। SEBI ने मुंबई और हैदराबाद में फंड के कार्यालयों पर छापेमारी की है, जिसमें लगभग ₹20 करोड़ का लाभ होने का अनुमान है। फंड का कहना है कि वह पूरी पारदर्शिता और नियामक मानकों का पालन करेगा। फंड के मालिक संदीप टंडन ने अपने बयान में निवेशकों के विश्वास को बनाए रखने का आश्वासन दिया है।

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