अभी बहुत से लोग क्वांट (Quant) शब्द सुनते हैं, लेकिन समझ नहीं पाते कि यह म्यूचुअल फंड में कैसे काम करता है। आसान शब्दों में कहें तो Quant फ़ंड वो होते हैं जहाँ कंप्यूटर अल्गोरिद्म और डेटा साइंस का इस्तेमाल करके शेयर, बॉन्ड या कॉमोडिटी चुनिए जाते हैं। इंसानी भावनाओं से बच कर मशीन लर्निंग मॉडल्स तय करते हैं कि कब खरीदना है, कब बेचना है।
पहला तो यह है कि मार्केट में उतार‑चढ़ाव तेज़ हो गया है और इंसानी फैसले अक्सर भावनाओं से प्रभावित होते हैं। दूसरा, तकनीकी कंपनियों ने बड़े डेटा सेट बनाये हैं जिससे अल्गोरिद्म को ट्रेन किया जा सकता है। इन कारणों से क्वांट फ़ंड कम जोखिम वाला माना जाता है, पर 100% सुरक्षित नहीं।
भारत में कई एसे फंड मैनेजर्स जैसे Quant Capital, Motilal Oswal और Edelweiss ने अपना एल्गोरिदमिक फ़ंड लॉन्च किया है। ये फंड मुख्य रूप से बड़े‑बाजार के डेटा, कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय संकेतकों को मिलाकर पोर्टफ़ोलियो बनाते हैं।
1. **अपना लक्ष्य तय करें** – क्या आप लम्बे‑समय के लिए बचत कर रहे हैं या 2‑3 साल की छोटी अवधि वाले लक्ष्यों के लिये? क्वांट फ़ंड कई तरह के होते हैं, कुछ इक्विटी पर फोकस करते हैं तो कुछ डेब्ट।
2. **रिसर्च करें** – फंड का ट्रैक रिकॉर्ड देखें, एसेट अलोकेशन और एग्ज़िट स्ट्रैटेजी पढ़ें। अगर फंड ने पिछले 3‑5 साल में स्थिर रिटर्न दिया है तो वह एक भरोसेमंद विकल्प हो सकता है।
3. **KYC पूरा करें** – भारत में कोई भी म्याचुअल फंड खरीदने से पहले KYC जरूरी है। यह ऑनलाइन या आपके नजदीकी एजेंट के पास आसानी से कर सकते हैं।
4. **एसएनपी (SIP) सेट अप करें** – क्वांट फ़ंड में नियमित रूप से निवेश करने के लिये SIP सबसे आसान तरीका है। आप हर महीने 1,000 रुपये या जितना चाहें, स्वचालित ढंग से जमा कर सकते हैं।
5. **परफ़ॉर्मेंस मॉनीटर करें** – फंड का रिटर्न सालाना देखिए और बाजार की स्थितियों के हिसाब से एसेट क्लास बदलने की सोचें। अगर दो लगातार क्वार्टर में रिटर्न घट रहा हो तो पुनः विचार करना चाहिए।
ध्यान रहे, क्वांट फ़ंड भी मार्केट जोखिम से पूरी तरह मुक्त नहीं हैं। कभी‑कभी अल्गोरिद्म को अप्रत्याशित घटनाओं जैसे महामारी या भू‑राजनीतिक तनाव का सही अंदाज़ा नहीं लगता। इसलिए निवेश करने से पहले अपनी जोखिम सहनशीलता समझें और पोर्टफ़ोलियो में विविधता रखें।
**सारांश:** क्वांट म्यूचुअल फंड तकनीक‑आधारित निवेश का एक स्मार्ट तरीका है, लेकिन इसे समझदारी से चुनना जरूरी है। लक्ष्य तय करें, सही फ़ंड चुनें, KYC पूरा करें और नियमित SIP के साथ शुरुआत करें। अगर आप डेटा‑ड्रिवन निर्णयों में भरोसा रखते हैं तो क्वांट फंड आपके पोर्टफ़ोलियो को नया दिशा दे सकता है।
जून 24, 2024
Quant म्यूचुअल फंड, फ्रंट-रनिंग के आरोपों का सामना कर रहा है, और SEBI के साथ सहयोग कर रहा है। SEBI ने मुंबई और हैदराबाद में फंड के कार्यालयों पर छापेमारी की है, जिसमें लगभग ₹20 करोड़ का लाभ होने का अनुमान है। फंड का कहना है कि वह पूरी पारदर्शिता और नियामक मानकों का पालन करेगा। फंड के मालिक संदीप टंडन ने अपने बयान में निवेशकों के विश्वास को बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
और पढ़ें