क्या आपका मासिक बिजली बिल लगातार बढ़ता जा रहा है? चिंता मत करो, कुछ छोटे‑छोटे बदलावों से आप काफी बचत कर सकते हैं। नीचे बताए गए उपाय आसान हैं और ज्यादा खर्च नहीं करेंगे। बस एक बार आज़माएँ, फर्क खुद देखेंगे।
सबसे पहला कदम है उन गैजेट्स को पहचानना जो अधिक बिजली लेते हैं। एसी, रेफ्रिजरेटर और हीटर ऐसे मुख्य कारण होते हैं। एसी चलाते समय तापमान 24‑25 डिग्री रखें, जितना ठंडा रखेंगे उतनी ज्यादा बिजली लगेगी। रेफ्रिजरेटर का दरवाज़ा खुला न छोड़ें; अगर ज़रूरत हो तो जल्दी बंद कर दें। हीटर को केवल तब ऑन करें जब कमरा बहुत ठंडा हो, और टाइमर सेट करके ऑटो‑ऑफ़ कर लें।
स्मार्ट प्लग या पावर स्ट्रिप का इस्तेमाल भी फायदेमंद है। इनसे आप एक बटन से कई उपकरण बंद कर सकते हैं, जिससे स्टैंडबाय मोड में रहकर बचत होती है। अगर कोई गैजेट रोज़ाना नहीं चलाता, तो उसे पूरी तरह अनप्लग कर दें—कभी‑कभी प्लग इन ही रहने से भी वॉटेज खपत बढ़ जाता है।
लाइटिंग के लिए LED बल्ब लगाएँ; ये पुरानी टंगस्टन लाइट्स से 80‑90% कम बिजली लेती हैं और लाइफ भी लंबी होती है। घर की खिड़कियों पर थिन परदे या ब्लाइंड लगा दें—सूरज की तेज़ रोशनी को बाहर रखें, जिससे एसी का काम कम होगा।
इन्सुलेशन सुधारें: अगर कमरे में ठंडा रखरखाव अच्छा नहीं है तो हीटर अधिक चलेंगे और एसी ज्यादा कूल करेंगे। दीवारों और छत के बीच थर्मल इन्सुलेटिंग सामग्री डालें, या मौजूदा दरारों को सील कर दें। ये छोटा निवेश गर्मियों में एसी की खपत घटाता है और सर्दियों में हीटर पर कम निर्भरता देता है।
पानी के हीटर्स भी ऊर्जा बचत का बड़ा टॉपिक है। अगर आप इलेक्ट्रिक शॉवर इस्तेमाल करते हैं तो पानी को पहले से गरम नहीं रखें, बल्कि जरूरत पड़ने पर ही ऑन करें। सोलर वाटर हेटर लगाना एक लंबा‑समय वाला समाधान हो सकता है—सिर्फ शुरुआती लागत ज्यादा होती है, लेकिन बाद में बिल का बोझ कम रहता है।
अंत में, अपनी बिजली की खपत को मॉनिटर करना न भूलें। कई एसी या पावर सप्लाय कंपनियां ऑनलाइन डैशबोर्ड देती हैं जहाँ आप रोज़ाना उपयोग देख सकते हैं। अगर कोई उपकरण अनावश्यक रूप से ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है तो तुरंत सुधार लाएँ।
ऊर्जा बचाने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत नहीं, छोटी‑छोटी आदतें बड़ी बचत लाती हैं। इन टिप्स को अपनी दैनिक रूटीन में शामिल करें और अगले बिल में फर्क देखेंगे। याद रखें—बचत सिर्फ आपके ख़र्चे को कम नहीं करती, बल्कि पर्यावरण भी साफ़ रखती है।
अगस्त 6, 2024
फ्रांस में न्यूक्लेअर पावर की निर्भरता और कई रिएक्टरों के मेंटेनेंस के कारण ऊर्जा संकट गहरा गया है। हीटवेव्स ने बिजली की खपत को बढ़ा दिया है और ऊर्जा नियामक ने चेतावनी जारी की है। इस संकट ने फ्रांस की ऊर्जा अवसंरचना की कमजोरी को उजागर किया है और ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण की आवश्यकता पर बल दिया है।
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