जब हम बात करते हैं "सबसे बड़े" हवाई अड्डे की, तो दो चीज़ें ज़्यादातर सामने आती हैं – जमीन के हिसाब से कितना क्षेत्र फ़ैलाया गया और साल में कितने यात्री इस पर उतरते‑उतरती हैं। दोनों का मतलब अलग‑अलग होता है, इसलिए एक ही उत्तर नहीं है। आज हम इन दोनों पहलुओं को समझेंगे और देखेंगे कि किन अड्डों ने ये दोनो रिकॉर्ड अपने पास रखे हैं।
किंग फ़हद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, दाहर के पास स्थित है और लगभग 780 km² क्षेत्र पर फैला हुआ है। इसे अक्सर "विश्व का सबसे बड़ा एरेना" कहा जाता है क्योंकि यह एक सामान्य शहर की जगह से भी बड़ा है। इस बड़े ज़मीन में दो रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग, कार पार्क और कई गॉडज़िला‑साइज़ सुविधाएँ हैं। आज तक इसका मुख्य उद्देश्य तेल उद्योग के कर्मचारियों को ले जाना रहा, लेकिन अब यहाँ अंतरराष्ट्रीय फ़्लाइटें भी बहुत बढ़ी हुई हैं।
अगर बात करें यात्रियों की तो हर्टफ़ील्ड‑जैक्सन अटलांटा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा नंबर एक पर है। साल में ११० मिलियन से भी ज्यादा यात्री यहाँ आते‑जाते हैं। इसका कारण है कि यह अमेरिकी दक्षिण‑पूर्वी क्षेत्र का मुख्य हब है और कई एअरलाइन्स के लिए डिपो (डिज़ाइन) साइट है। दो बड़े टर्मिनल, तेज़ सुरक्षा चेक और बहुत सारी रिटेल शॉप्स इसे यात्रियों के लिये आरामदायक बनाते हैं।
बीजिंग दाक्सिंग अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भी अपने आधुनिक डिजाइन और बड़ी क्षमता से अक्सर चर्चा में रहता है। 2025 तक इस ने लगभग ९० मिलियन यात्रियों को संभाला था, जिससे यह एशिया की सबसे तेज़ बढ़ती एयरपोर्ट बन गया। यहाँ का टर्मिनल एक फूल के आकार जैसा दिखता है जो हवाई यात्रा को थोड़ा और मजेदार बना देता है।
तो अब सवाल ये उठता है – "सबसे बड़ा" क्यों महत्वपूर्ण है? बड़े एअरपोर्ट्स कई फायदे देते हैं:
पर ध्यान रखिए – बड़े आकार का मतलब हमेशा बेहतर सेवा नहीं होता। कभी‑कभी बहुत बड़ी जमीन पर यात्रियों को चलने‑फिरने में समय लग जाता है और टर्मिनल तक पहुँचना मुश्किल हो सकता है। इसलिए एयरपोर्ट चुनते वक़्त सिर्फ आकार ही नहीं, सुविधाओं और सेवाओं को भी देखना चाहिए।
अगर आप अगले यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो हवाई अड्डे के बारे में थोड़ी रिसर्च कर लें – टर्मिनल संख्या, पार्किंग विकल्प, लाउंज सुविधा आदि। इससे आपका सफर आरामदायक रहेगा और अनावश्यक इंतजार से बचा जा सकेगा।
विज़नरी एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स भी आगे बढ़ रहे हैं, जैसे भारत में नई दिल्ली के पास बन रहा "अडानी एयरोस्पेस हब" या यूके में "हैम्पशायर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा"। इन सबका लक्ष्य है यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और सुखद अनुभव देना। भविष्य में हम देखेंगे कि कौन सा एअरपोर्ट आकार, यात्री संख्या और सुविधाओं के मामले में सबसे आगे रहेगा।
अंत में यही कहूँगा – चाहे आप बड़े किंग फ़हद या व्यस्त हार्टफ़ील्ड‑जैक्सन से यात्रा कर रहे हों, हर हवाई अड्डा अपने-अपने तरीके से आपके सफर को आसान बनाता है। तो अगली बार जब टिकट बुक करेंगे, तो एअरपोर्ट की सुविधाओं पर एक नज़र जरूर डालें!
जून 25, 2024
सऊदी अरब द्वारा 2030 तक दुनिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा, किंग सलमान इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माणाधीन है। यह 57 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला होगा और इसमें 23 बिलियन पाउंड का बजट रखा गया है। हवाई अड्डा शुरू में 120 मिलियन यात्रियों और 3.5 मिलियन टन कार्गो को सेवा देने के लिए तैयार हो रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य रियाद को एक प्रमुख वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब में बदलना है।
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