GST समाचार – नवीनतम अपडेट और आसान समझ

आपको GST की दुनिया में क्या चल रहा है, यह जानना चाहिए? यहाँ हम रोज़ाना के बदलाव, नई दरें और मुख्य नियमों को साधा भाषा में बताते हैं। चाहे आप व्यापारी हों या घर से ख़रीदारी करने वाले, इस पेज पर हर चीज़ मिल जाएगी.

GST क्या है?

GST यानी माल एवं सेवा कर, एक ही टैक्स प्रणाली है जो सभी राज्य और केन्द्रीय लेन‑देनों को जोड़ती है। 2017 में लागू होने के बाद से यह भारत का सबसे बड़ा indirect tax बन गया है। अगर आप छोटे व्यापारी हैं तो आपका टर्नओवर 40 लाख तक नहीं हो तो रजिस्ट्रेशन आसान होता है, बड़े व्यापारियों को quarterly या monthly फाइलिंग करनी पड़ती है.

GST में तीन मुख्य हिस्से होते हैं – CGST (केंद्र), SGST (राज्य) और IGST (अंतर‑राज्य). जब आप एक ही राज्य के भीतर बेचते हैं तो CGST + SGST लगता है, और अलग राज्य में भेजते समय IGST लग जाता है. इस सरल संरचना से टैक्स की दोहराव कम होती है.

नवीनतम GST अपडेट

अभी‑अभी वित्त मंत्रालय ने कुछ प्रमुख बदलावों की घोषणा की। पहले, 5% और 12% स्लैब को हटा कर नई दरें पेश की गईं: 0%, 5%, 18% और 28% अब मुख्य श्रेणियां हैं. इससे कई वस्तुओं की कीमतें स्थिर रहेंगी.

दूसरा बड़ा अपडेट e‑way बिल सिस्टम का विस्तार है। अब छोटे व्यापारी जिनका टर्नओवर 10 लाख तक है, उन्हें भी ई‑वे बिल बनाना पड़ेगा। यह बदलाव ऑनलाइन ट्रैकिंग को आसान बनाएगा और चोरी कम करेगा.

तीसरा, रिटर्न फाइलिंग में नया पोर्टल ‘GSTN V2’ लॉन्च हो गया है. इस पोर्टल पर फ़ॉर्म 1A (रजिस्ट्रेशन), 3B (monthly return) और GSTR‑9 (annual return) को एक ही डैशबोर्ड से पूरा किया जा सकता है। अगर आप अभी तक पुराने इंटरफ़ेस का उपयोग कर रहे हैं, तो तुरंत अपग्रेड करें.

आपको ध्यान देना चाहिए कि कुछ खास सेक्टरों में विशेष रिवर्स चार्ज मेकैनिज़्म लागू हो रहा है. उदाहरण के लिए, मोबाइल फोन और एंटरटेनमेंट गैजेट्स पर अब 5% GST लेवी की बजाय 18% लगेगा, लेकिन इन पर रिवर्स चार्ज नहीं होगा.

इन बदलावों का असर आपके बिलिंग सॉफ्टवेयर पर भी पड़ता है. अधिकांश सॉफ़्टवेयर प्रदाता ने अपडेट रिलीज़ कर दिया है, इसलिए अपने अकाउंटेंट या आईटी सपोर्ट को बताएं कि सिस्टम अपडेटेड हो।

यदि आप पहली बार GST रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं, तो याद रखें: PAN, आधार और व्यवसाय का पता चाहिए. आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है, और अधिकांश दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करने होते हैं. फॉर्म भरते समय सही कोड (HSN/ SAC) चुनें, नहीं तो बाद में दंड लग सकता है.

GST के बारे में सबसे आम सवालों में से एक है – इनपुट टैक्स क्रेडिट कैसे क्लेम करें? सरल जवाब: जब आप किसी सप्लायर से सामान खरीदते हैं और वह GST चार्ज करता है, तो वही राशि को अपने आउटगोइंग टैक्स से घटा सकते हैं. इसके लिए GSTR‑3B में सही विवरण देना ज़रूरी है.

अंत में, अगर आपको कोई भी बदलाव समझ नहीं आता या फॉर्म भरने में दिक्कत हो रही है, तो आधिकारिक GST हेल्पलाइन 1800‑103‑0024 पर कॉल कर सकते हैं. कई बार ऑनलाइन चैट सपोर्ट भी उपलब्ध रहता है.

तो अब जब आप GST की नई दरें, रिटर्न प्रक्रिया और रिवर्स चार्ज समझ गए हैं, तो अपने व्यापार या खरीदारी में इसका सही इस्तेमाल करें। हर महीने अपडेटेड रहना आपके लिए फायदेमंद रहेगा और अनावश्यक दंड से बचाएगा.

2,000 रुपये तक की ऑनलाइन लेनदेन पर GST लगाने के प्रस्ताव की समीक्षा
Ranjit Sapre

2,000 रुपये तक की ऑनलाइन लेनदेन पर GST लगाने के प्रस्ताव की समीक्षा

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2,000 रुपये तक की ऑनलाइन लेनदेन पर GST लगाने के प्रस्ताव की समीक्षा

GST परिषद ने 2,000 रुपये से कम की लेनदेन पर 18% GST लगाने के मुद्दे को फिटमेंट समिति को सौंपा है। यह कदम छोटे ऑनलाइन भुगतान को प्रभावित कर सकता है। पहले जारी अधिसूचना के तहत, भुगतान एग्रीगेटर्स को इन लेनदेन पर टैक्स चार्ज नहीं करना होता था।

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भारत की आईटी क्षेत्र में बड़ा कर अभियान: इन्फोसिस के बाद अन्य कंपनियों पर भी गिरेगी गाज

भारतीय कर प्राधिकरण द्वारा इन्फोसिस को ₹32,000 करोड़ के कर नोटिस देने के बाद, अन्य प्रमुख आईटी सेवाओं कंपनियों को भी नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। यह मामला आईटी क्षेत्र में कर चोरी के आरोपों की व्यापक जांच का हिस्सा है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े नोटिस के बाद, अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों के खिलाफ भी ऐसी कार्रवाई हो सकती है।

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