लेवांडोवस्की – स्वायत्त कार के पीछे का चेहरा

जब आप अपनी गाड़ी में बिना ड्राइव किए यात्रा करते हैं, तो शायद आपको पता नहीं होता कि इस टेक्नोलॉजी को किसने आगे बढ़ाया। वही व्यक्ति है एंथनी लेवांडोवस्की। उन्होंने ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर से शुरू करके दुनिया भर की ऑटोनॉमस कार कंपनियों में धूम मचा दी। अगर आप तकनीक के शौकीन हैं तो उनका नाम सुनते ही दिमाग में गूगल, उबर या वाईट्रेडिंग जैसी बड़ी कंपनियां आएँगी।

करियर की शुरुआती कहानी

लेवांडोवस्की ने कंप्यूटर साइंस पढ़ा और जल्दी ही रोबोटिक्स प्रोजेक्ट्स में हाथ आजमाया। उनका पहला बड़ा ब्रेक 2010 में आया जब वे गूगल के स्टीयरिंग टीम में शामिल हुए। वहाँ उन्होंने ‘वेहिकल 2.0’ नामक प्रोजेक्ट पर काम किया, जिसका लक्ष्य ड्राइवर्स को पूरी तरह से कार से हटाना था। इस दौरान उन्होंने कई ओपन-सोर्स लाइब्रेरीज़ बनाई जो आज भी कई स्टार्टअप उपयोग कर रहे हैं।

विवाद और कानूनी लड़ाइयाँ

कहानी में मोड़ तब आया जब लेवांडोवस्की ने गूगल छोड़कर अपनी खुद की कंपनी, ‘ऑटो ड्राइव’ शुरू की। लेकिन 2017 में वाईट्रेडिंग ने उन पर पेटेंट चोरी का केस दायर किया। अदालत में उन्होंने कहा कि उन्होंने गूगल के प्रोजेक्ट से कुछ कोड चुराया था। इस मुकदे ने पूरे स्वायत्त कार उद्योग को हिला दिया और कई निवेशक सावधान हो गए। अंततः 2020 में वे समझौते पर पहुँचे, लेकिन विवाद का असर आज भी दिखता है।

इन कानूनी चुनौतियों के बावजूद लेवांडोवस्की ने टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाते रहने की कोशिश की। उन्होंने कई स्टार्टअप को फंडिंग दी और नई सॉफ्टवेयर प्लेटफ़ॉर्म्स लॉन्च किए, जो ड्राइवर्स को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। उनकी कंपनी अब एआई-आधारित रूट ऑप्टिमाइज़र विकसित कर रही है, जिससे ट्रैफ़िक जाम कम हो सकता है।

अगर आप स्वायत्त कार के बारे में पढ़ रहे हैं तो ये जानना जरूरी है कि तकनीक सिर्फ हार्डवेयर नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर और डेटा भी है। लेवांडोवस्की ने इसी बात को कई बार दोहराया – “डेटा ही नई ईंधन है।” उनका मानना था कि अगर हम सही तरीके से डेटा इकट्ठा करें तो कार खुद‑ब-खुद बेहतर फैसले ले सकेगी।

भविष्य की बात करें तो लेवांडोवस्की का लक्ष्य 2025 तक पूरी तरह से ऑटोनॉमस फ्लीट बनाना है। उन्होंने कहा कि इस साल कई शहरों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू होंगे, जहाँ लोग बिना ड्राइवर के टैक्सी बुक कर पाएँगे। अगर यह सफल हो जाता है तो ट्रांसपोर्ट का खर्च काफी घटेगा और सड़क सुरक्षा भी बढ़ेगी।

सारांश में, लेवांडोवस्की एक ऐसा नाम हैं जो स्वायत्त कार की दुनिया को समझने के लिए जरूरी है। उनका काम तकनीक में नयी दिशा देता है, लेकिन साथ ही कानूनी चुनौतियों से भी भरपूर है। अगर आप इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं या सिर्फ़ टेक ट्रेंड्स पर अपडेट रहना चाहते हैं, तो लेवांडोवस्की की कहानी को फॉलो करना समझदारी होगी।

लेवांडोवस्की के दो गोल से बार्सिलोना ने हांसी फ्लिक की पहली मैच में वेलेंसिया को हराया
Ranjit Sapre

लेवांडोवस्की के दो गोल से बार्सिलोना ने हांसी फ्लिक की पहली मैच में वेलेंसिया को हराया

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लेवांडोवस्की के दो गोल से बार्सिलोना ने हांसी फ्लिक की पहली मैच में वेलेंसिया को हराया

हांसी फ्लिक की पहली मैच में बार्सिलोना ने वेलेंसिया के खिलाफ 2-1 की वापसी जीत दर्ज की। फ्रेंकी डी जोंग, गावी और रोनाल्ड अराउजो की अनुपस्थिति के बावजूद टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। लेवांडोवस्की के दो गोल ने टीम को सफलता दिलाई।

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