अगर आप फुटबॉल पसंद करते हैं तो सबसे पहले दिमाग में ‘क्लब’ शब्द आता है – बार्सिलोना, मैनचेस्टर सिटी या एसी मिलान। लेकिन क्लबहैट सिर्फ नाम नहीं होते, वे खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और फैंस की पूरी इकाई होती हैं। इस लेख में हम समझेंगे कि क्लब कैसे बनते हैं, कौन‑से बड़े क्लब हैं और भारत में फुटबॉल क्लबों का हाल क्या है।
यूरोप की पाँच बड़ी लीग (इंग्लिश प्रीमियर, स्पेनिश ला लिगा, इटेलीयन सेरी ए, जर्मन बुंडेस्लिग और फ्रेंच लिग 1) में सबसे मशहूर क्लबों के नाम सुनते ही दिल धड़कता है। इन क्लबों की वैल्यू मिलियन्स में गिनी जाती है और उनके पास लाखों फैन होते हैं।
इन क्लबों के मैच देखते समय आपको सिर्फ स्कोर ही नहीं, बल्कि रणनीति, खिलाड़ी बदलाव और कोच की सोच भी समझ में आती है। इसलिए फ़ुटबॉल देखना एक सीखने वाला अनुभव बन जाता है।
इंडिया सुपर लीग (ISL) ने पिछले कुछ सालों में फुटबॉल को लोकप्रिय बनाया है। आयरन, एटीके, मुंबई सिटी और बेंगलुरु FC जैसे क्लब अब शहर के नाम बन गए हैं। इन क्लबों की खास बात यह है कि वे स्थानीय टैलेंट को बड़े मंच पर दिखाते हैं और साथ ही विदेशी स्टार्स को भी लाते हैं।
अगर आप किसी भारतीय क्लबहैट का फॉलो करना चाहते हैं तो सबसे पहले उनका आधिकारिक सोशल मीडिया चैनल फ़ॉलो करें – ट्विटर, इंस्टा या यूट्यूब पर रोज़ाना ट्रेनिंग वीडियो, मैच हाइलाइट और खिलाड़ी इंटरव्यू मिलते हैं। साथ ही क्लब की वेबसाइट पर सिग्नेचर मर्चेंडाइज़ भी खरीद सकते हैं, जिससे फैन क्लबहैट को सपोर्ट कर सकता है।
क्लबस का फ़ैंस बुकिंग, टिकट अपडेट या स्टेडियम में प्रवेश के बारे में अक्सर पूछते हैं। अधिकांश क्लब अब मोबाइल ऐप से रियल‑टाइम जानकारी दे रहे हैं – मैच टाइम, सीट उपलब्धता और लाइव स्कोर सभी एक जगह पर। इस तरह आप बिना झंझट के अपनी पसंदीदा टीम को देख सकते हैं।
फुटबॉल क्लबहैट की बात करते हुए एक चीज़ याद रखिए: जीत‑हार से ज़्यादा फैन बेस का एंगेजमेंट महत्वपूर्ण है। चाहे आपका क्लब छोटा हो या बड़ा, अगर आप मैच के बाद चर्चा में भाग लेंगे तो फुटबॉल को समझना और मज़ेदार बन जाएगा।
तो अगली बार जब भी कोई नया फ़ुटबॉल क्लबहैट सुने, बस उनके नाम को गूगल करें, सोशल मीडिया पर फॉलो करो और स्टेडियम या टीवी पर मैच देखो – यही सबसे आसान तरीका है खेल के दिल से जुड़ने का।
अगस्त 21, 2024
कोलकाता के तीन प्रमुख फुटबॉल क्लब—मोहन बागान, ईस्ट बंगाल, और मोहम्मेडन स्पोर्टिंग—ने पहली बार मिलकर आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में हुई कथित बलात्कार और हत्या की घटना के पीड़ित को इंसाफ दिलाने और दरांड कप को शहर में वापस लाने की मांग की। ये तीनों क्लबों के सचिवों ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में अपनी मांगें व्यक्त कीं।
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