राजस्थान और केरल: संस्कृति, अर्थव्यवस्था और खेल के बीच का अनोखा फर्क

जब बात आती है राजस्थान, भारत का एक राज्य जो रेगिस्तान, महल और जीवन की लड़ाई से जुड़ा है और केरल, दक्षिण भारत का एक राज्य जहाँ बारिश, नावें और सामाजिक समानता का जादू है, तो ये दोनों बिल्कुल अलग दुनिया लगते हैं। एक तरफ राजस्थान के रेत के टीले, जंगली शेर और रथ यात्रा की धूम है, तो दूसरी तरफ केरल के नारियल के पेड़, ऑनाम लॉटरी के जीतने वाले ऑटो चालक और समुद्र के किनारे बैठकर चाय पीते लोग। ये दोनों राज्य भारत के दो अलग-अलग दिल हैं — एक गर्म और गर्व से भरा, दूसरा शांत और समाज की नींव पर टिका।

राजस्थान में जब रथ यात्रा चलती है, तो बैंक छुट्टी हो जाती है, लोग जमीन से आसमान तक जाते हैं। यहाँ की जनता अपनी परंपराओं को बचाने के लिए तैयार है। वहीं केरल में एक ऑटो रिक्शा चालक ऑनाम लॉटरी जीतकर 15 करोड़ रुपये लेकर आम आदमी की जिंदगी बदल देता है। यहाँ धन का वितरण बहुत अलग तरीके से होता है — नहीं तो एक छोटे से टिकट से एक पूरी जिंदगी बदल सकती है। राजस्थान के लोग अपनी जमीन, घोड़े और रंगों से जुड़े हैं, तो केरल के लोग अपने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामूहिक फैसलों से। ये दोनों राज्य एक ही देश में हैं, लेकिन उनकी जिंदगी के नियम अलग हैं।

खेल के मैदान में भी ये फर्क दिखता है। राजस्थान से निकले खिलाड़ी अक्सर टेस्ट क्रिकेट में चमकते हैं — जैसे यशस्वी जायसवाल, जो अहमदाबाद के मैदान में शतक बनाकर देश को गर्वान्वित करता है। केरल से आए खिलाड़ी ज्यादातर टी20 या महिला क्रिकेट में नजर आते हैं — जैसे नश्रा संधु, जिसने कोलंबो में हिट-विकेट करके पाकिस्तान की टीम को हैरान कर दिया। ये दोनों राज्य भारतीय खेलों के अलग-अलग चेहरे हैं।

इस पेज पर आपको राजस्थान और केरल से जुड़ी वो सभी खबरें मिलेंगी जो आमतौर पर नहीं देखी जातीं। जहाँ एक तरफ रथ यात्रा के कारण बैंक छुट्टी होती है, वहीं दूसरी तरफ ऑनाम लॉटरी के जीतने वाले की कहानी चल रही होती है। यहाँ आपको देखने को मिलेगा कि एक ही देश के दो राज्य कैसे अलग-अलग तरीके से जी रहे हैं — एक जो अपनी परंपरा को बचाता है, दूसरा जो उसे बदल रहा है।

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Ranjit Sapre नवंबर 16, 2025 राजनीति 17 टिप्पणि
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